एमपी वेदर। मध्यप्रदेश का मौसम इन दिनों बिगड़ा हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवा और ओलावृष्टि से फसलें न सिर्फ खराब हो गई है बल्कि गेहू के पौधे गिर जाने से उत्पादन पर इसका असर पड़ेगा। गुरुवार को सुबह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोहरा छाया रहा। कई जिलों में सुबह 10 बजे तक धूप नहीं निकली थी। भोपाल, ग्वालियर समेत 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और विजिबिलिटी कम रही।
मालवा-निमाड़ में फसलों पर मौसम की मार
मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कहीं गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई तो कहीं चना, प्याज और सब्जियों को भारी क्षति हुई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में पटवारी और कृषि अमले को सर्वे के निर्देश दिए हैं।
यहां ज्यादा रहा असर
जानकारी के तहत मध्य के सीहोर, आगर मालवा, साजापुर, ग्वालियर, उज्जैन समेत कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई. सीहोर, आष्टा, जावर, मेहतवाड़ा, श्यामपुर क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई, इसके अलावा जावर ओर हिंगोनि गांव में चने के आकार के ओले गिरे. अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है. खेतों में गेंहू और चने की फसलें खड़ी हैं, ऐसे में बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी हैं।
मुख्यमंत्री ने सर्वे के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असमय वर्षा के कारण फसलों को हुई क्षति का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के हर जिले में प्रशासन असमय वर्षा, मावठे के प्रति सतर्क रहे। जिला प्रशासन किसानों को असमय वर्षा से होने वाली क्षति से बचाने का प्रयास करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मावठा से फसलों को हुए नुकसान के सर्वे के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। किसानों की समस्याओं का हल करने प्रशासन को अलर्ट किया गया है।

