रीवा। शहर के वार्ड क्रमांक-25 के रहवासी मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुचे। वे वार्ड के बाणसागर स्थित चाणक्य नगर में व्याप्त पेयजल संकट को लेकर शिकायत करके अधिकारियों से पानी मुहैया कराए जाने की मांग किए है। उन्होने बताया कि चाणक्य नगर के तकरीबन 50 घरों में पानी की समस्या बनी हुई है और वहां के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो रहे है, लेकिन जिम्मेदारों में पेयजल जैसी अंहम समस्या होने के बाद भी कानों में जू तक नही रेग रही है। यही वजह है कि परेशान लोग अपने आवदेन पत्र लेकर मारे-मारे फिर रहे है।
सीवर लाइन ने परी तरह से रोका पानी
शिकायत आवेदन पत्र दिखाते हुए स्थानिय निवासी वीरेन्द्र पांडे ने बताया कि पिछले 2 वर्षो से चाणक्य नगर में पानी कंम आ रहा था। किसी तरह से लोग आपना काम चला रहे थें, लेकिन जब से वहां सीवर लाइन का काम किया गया, तब से पानी पूरी तरह से आना बंद हो गया है, यू कहा जाए कि बिना किसी प्लान और सिस्टम के शहर में जिस तरह से काम किया जा रहा है, उससे आम जन न सिर्फ परेशान हो रहा है बल्कि जो भी व्यवस्था है वह ध्वस्त हो रही है। प्रशासन को चाहिए कि इस तरह से लापरवाही पूवर्क काम करने वालों के खिलाफ एक्शन ले और आम जन के लिए सुविधा बनाए।
पानी का पैसा दे रहे है, लेकिन नही मिल रहा पानी
पीड़ित परिवार का कहना है कि नगर-निगम प्रशासन चाणक्य नगर के रहवासियों को पानी नही दे पा रहा है, जबकि बिल की वसूली बराबर की जा रही है। हर महीने पानी का 175 रूपए तो वे लोग दे ही रहे है और विंलब हुआ तो 18 रूपए अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ रहा। इसके बाद भी पानी नही मिल पा रहा है। वे चाहते है कि प्रशासन बिल की वसूली करें लेकिन पानी तो मुहैया कराए। उनका कहना है कि अब तो गर्मी शुरू हो रही है और पानी नही मिला तो वहां के लोग पानी के लिए प्यासे मर जाऐगे।
सीएम हेल्प लाइन से भी समस्या नही हुई दूर
चाणक्य नगर निवासी वीरेन्द्र पांडे ने सरकार के सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन में पानी की शिकायत वार्ड के लोग लगातार कर रहे है, लेकिन शिकायत का निराकरण किए बिना ही सीएम हेल्पलाइन को बंद कर देते है। ऐसे में सराकर के सिस्टम पर अब न सिर्फ सवाल उठ रहे है बल्कि इससे व्यवस्था पर विश्सनीयता घट रही है।

