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सीधी : जब आवारा घोड़े के आगे ‘बेबस’ हुए ग्रामीण, तो अमिलिया थाने के बोर्ड से ही बांध आए ‘आरोपी’ को!

Watchman ties horse to police station gate in Sidhi.

Watchman ties horse to police station gate in Sidhi.

सीधी। जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था का तो पता नहीं, लेकिन ‘घोड़ा व्यवस्था’ सुधारने के लिए ग्रामीणों ने एक ऐसा नायाब नुस्खा आजमाया कि पुलिस भी हैरान रह गई। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने एक आवारा घोड़े से परेशान होकर ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। जब किसी स्तर पर समस्या का हल नहीं निकला, तो गांव के चौकीदार ने सीधे ‘सिस्टम’ को जगाने के लिए घोड़े को ले जाकर थाने के मुख्य गेट पर ही बांध दिया। रविवार सुबह हुई इस अजीबोगरीब घटना के बाद करीब दो घंटे तक थाना परिसर में हड़कंप और कौतूहल का माहौल बना रहा।

खेतों में घुसकर फसलें कर रहा था चट, राहगीर और बच्चे भी थे निशाने पर

ग्रामीणों और स्थानीय किसानों के मुताबिक, यह आवारा घोड़ा पिछले कई दिनों से गांव में खुला घूम रहा था और लगातार उत्पात मचा रहा था। घोड़ा खेतों में घुसकर लहलहाती फसलों को पूरी तरह चौपट कर रहा था, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ यह राह चलते लोगों के पीछे दौड़ पड़ता था, बच्चों को धक्का मारकर घायल कर चुका था और सड़क पर दौड़कर कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर चुका था। ग्रामीणों ने कई बार इसके मालिक को तलाशने की कोशिश की, लेकिन कोई भी इस ‘उत्पाती’ घोड़े की जिम्मेदारी लेने सामने नहीं आया।

प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए चौकीदार ने उठाया कदम

लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते नुकसान से ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। गांव की आजीविका का मुख्य साधन खेती होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही थी। ऐसे में प्रशासन और पुलिस का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचने के लिए गांव के चौकीदार संतोष त्रिपाठी ने मोर्चा संभाला। रविवार सुबह करीब 7 बजे चौकीदार ने उस आवारा घोड़े को पकड़ा और अमिलिया थाने ले आए। उन्होंने थाने के मुख्य गेट के ठीक सामने लगे शासकीय बोर्ड से घोड़े को कसकर बांध दिया और वहां से चले गए।

दो घंटे तक लगा रहा तमाशा

थाने के मुख्य द्वार पर घोड़ा बंधा होने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते वहां राहगीरों और स्थानीय लोगों का मजमा लग गया। करीब दो घंटे तक अमिलिया थाना किसी अस्तबल की तरह नजर आता रहा और लोग पुलिस के गेट पर बंधे इस चार पैरों वाले ‘अनोखे कैदी’ की तस्वीरें लेते रहे। थाने के मुहाने पर इस तरह घोड़ा बंधा देख पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई। अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि जैसे ही उन्हें थाने के गेट पर घोड़ा बांधे जाने की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत गांव के चौकीदार संतोष त्रिपाठी को संदेश भेजकर वापस थाने बुलवाया। पुलिस की हिदायत के बाद चौकीदार ने घोड़े को थाने के मुख्य गेट के सामने से खोलकर हटाया, तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।

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