IAS Santosh Verma News: एमजी रोड पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, इसलिए उसे वर्मा के हस्ताक्षर के नमूने चाहिए थे। लेकिन वर्मा हस्ताक्षर के नमूने देने से इनकार कर रहे थे। इस पर पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दायर किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि वर्मा थाने में जाकर अपने हस्ताक्षर के नमूने उपलब्ध कराएं।
IAS Santosh Verma News: विवादों में घिरे आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इंदौर सत्र न्यायालय ने उन्हें एमजी रोड थाने में पेश होकर अपने हस्ताक्षर के नमूने देने का आदेश दिया है। गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने यह स्पष्ट निर्देश जारी किया। पुलिस की ओर से जमानत निरस्त करने की मांग पर फैसला अब 4 मार्च को होगा।
धोखाधड़ी मामले में दो अलग-अलग फैसले सामने आए
अपर लोक अभियोजक योगेश जायसवाल के अनुसार, वर्मा के खिलाफ लसूड़िया पुलिस थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में निलंबित अपर सत्र न्यायाधीश विजयेंद्र रावत की कोर्ट से दो अलग-अलग फैसले सामने आए थे। एक फैसले में वर्मा को दोषमुक्त करार दिया गया था, जिसे उन्होंने अपने प्रमोशन के लिए इस्तेमाल किया था। दूसरे फैसले में आपसी सहमति से मामले का राजीनामा होने की बात कही गई थी। इन दो विरोधाभासी फैसलों के सामने आने के बाद निलंबित एडीजे विजयेंद्र रावत ने खुद एमजी रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज हुआ और जांच शुरू होने के बाद एडीजे रावत को निलंबित कर दिया गया।
हस्ताक्षर नमूने न देने पर पुलिस ने लगाई जमानत निरस्त करने की मांग
एमजी रोड थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान वर्मा के हस्ताक्षर के नमूने जरूरी थे, लेकिन वे इन्हें देने से बच रहे थे। इस पर पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दायर किया, जिसमें जांच में असहयोग के चलते वर्मा की जमानत निरस्त करने की मांग की गई।
सुनवाई के दौरान वर्मा के वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को बेवजह फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी के समय ही हस्ताक्षर ले लिए गए थे। दूसरी ओर, शासन पक्ष ने कहा कि संबंधित दस्तावेज फिलहाल हाई कोर्ट की जांच प्रक्रिया में हैं, जिसमें समय लग रहा है। इसलिए दोबारा हस्ताक्षर के नमूने मांगे गए हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि वर्मा एमजी रोड थाने में पेश होकर हस्ताक्षर के नमूने दें। इसके बाद ही जमानत निरस्त करने वाले आवेदन पर फैसला लिया जाएगा। अगली सुनवाई 4 मार्च को निर्धारित की गई है।
