विदेशी साजिश का बड़ा खुलासा! संभल में मार दिए जाते विष्णु शंकर जैन!

काशी की ज्ञानवापी और संभल में हरिहर मंदिर का केस लड़ रहे सुप्रीम कोर्ट के वकील एडवोकेट विष्णु शंकर जैन को आप जानते ही होंगे, और ये भी जानते होंगे कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलती रहती हैं मगर इस बार उन्हें सिर्फ धमकी नहीं मिली बल्कि उन्हें जान से मारने की पूरी प्लानिंग हो चुकी थी. एडवोकेट विष्णु शंकर जैन की जान लेने के लिए विदेश से साजिश रची गई, हथियार मुहैया कराए गए, जगह और मौका भी चुन लिया गया मगर जिसे यह काम सौंपा गया था पुलिस ने उसे धरदबोचा और इस विदेशी साजिश को नाकाम कर दिया।

सम्भल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने इस साजिश का खुलासा किया है, 20 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बताया कि संभल हिंसा में पुलिस ने एक गुलाम नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसे एडवोकेट विष्णु शंकर जैन की जान लेने का काम सौंपा गया था. हैरानी की बात ये है कि इस आरोपों को राजनितिक संरक्षण मिला हुआ है.

वाहन चोरी कर म्यांमार भेजता है

विष्णु जैन को मारने की फ़िराक में बैठा, पकड़ा गया आरोपी गुलाम, ऑटो लिफ्टर गैंस्टर सारिक साटा के इशारों में भारत में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है. गुलाम के खिलाफ संभल और आसपास के इलाकों में 20 मुकदमे दर्ज है. आरोपी गुलाम का आका सारिक साटा, दिल्ली NCR में गाड़ी चोरी करवाने का सरगना है, वह कुछ साल से विदेश में रहता है और वहीं रहते हुए भारत में अपना गैंग ऑपरेट करता है. साटा के इशारों पर गुलाम भी दिल्ली से गाड़ियां चोरी कर मणिपुर और म्यांमार में बेचने का काम करता था और इसके बदले वह पैसे नहीं हथियार लेता था.

आका से मांगी थी मदद

गुलाम, सारिक साटा से जंगी ऐप के जरिए कम्युनिकेट करता था, 23 नवंबर यानी संभल दंगे से एक दिन पहले उसने अपने आका से बात की थी. उसने, साटा से कहा था, संभल मस्जिद 500 साल पुरानी बाबर की निशानी है, और इसकी हिफाजत करना हमारी जिम्मेदारी है. एक दिल्ली का वकील है जो बाहर से आता है और जगह जगह ऐसी एप्लिकेशन डालता है, उसे जान से मारना है और किसी सूरत में सर्वे नहीं होने देना है.

संभल में हुए दंगे के बाद जब पुलिस ने दंगाइयों की धरपकड़ शुरू की तो गुलाम भी पकड़ा गया, उसके पास से पुलिस को बड़ी मात्रा में हथियार मिले, उसके पास एडवोकेट विष्णु जैन की तस्वीर भी थी. गुलाम के पास से 9MM की एक पिस्टल, 32 बोर की दो पिस्टल, और तीन विदेशी पिस्टल बरामद हुईं, उसके पास से चेकोस्लोवाकिया, ब्रिटेन और जर्मनी मेड कारतूसों के 20 डिब्बे भी बरामद हुए. एसपी बिश्नोई ने इस बात का खुलासा किया है.

यही है संभल दंगे का मास्टरमाइंड

पुलिस के मुताबिक आरोपी गुलाम ही संभल दंगे का मास्टरमाइंड है, जिसने इस सर्वे को रोकने के लिए, दंगाइयों को हथियार मुहैया कराए और विष्णु शंकर जैन को मारने की प्लानिंग की. उसे राजनितिक संरक्षण भी मिला हुआ है. पता चला है कि 2014 में संभल के पूर्व सांसद और वर्तमान सांसद के दादा शफीकुर्रहमान बर्क के कहने पर गुलाम ने दूसरे पार्टी के कैंडिडेट सुहैल इकबाल पर गोली भी चलाई थी.

खैर ऐसा नहीं है कि गुलाम पकड़ा गया तो विष्णु शंकर जैन पर अब कोई खतरा नहीं है, वो ऐसे मामलों पर केस ही लड़ रहे हैं जहां जान से मारने की धमकी मिलना सामान्य सी बात हो गई है.विष्णु शंकर जैन ज्ञानवापी, संभल कल्कि मंदिर, भोजशाला जैसे कई प्राचीन मंदिरों का केस लड़ रहे हैं जिनमे मुस्लिम समुदाय अपना दावा करते हैं. इसी लिए उन्हें धमकिया मिलती रहती हैं, मगर सम्भल में तो उन्हें जान से मारने की पूरी प्लानिंग की कर ली गई थी. गनीमत रही कि गुलाम भी अन्य 72 आरोपियों के साथ पकड़ा गया. इस मामले में हमें अपनी राय जरूर दें और ऐसी ही खबरों के लिए शब्द साँची के साथ बने रहें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *