Vishal Hindu Sammelan Rewa : शोभायात्रा में गूंजा सनातन संदेश,रीवा में विशाल हिन्दू सम्मेलन-मातृशक्ति की विशाल शोभायात्रा से गूंजा सनातन संदेश, रीवा में सम्मेलन से पहले दिखी अभूतपूर्व एकता
रीवा-मध्य प्रदेश : हिन्दू समाज में सनातन चेतना के जागरण, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित “विशाल हिन्दू सम्मेलन” के एक दिन पूर्व शनिवार, 17 जनवरी 2026 को रीवा नगर में मातृशक्ति के नेतृत्व में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा न केवल आगामी सम्मेलन की भूमिका बनी, बल्कि नगर में सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश देती हुई आगे बढ़ी। रीवा में विशाल हिन्दू सम्मेलन से पहले मातृशक्ति की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। केसरिया वस्त्रों, जयघोषों और भजन-कीर्तन के साथ सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।
केसरिया वस्त्रों में सजी मातृशक्ति, जयघोषों से गूंजा नगर
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं केसरिया वस्त्र धारण कर हाथों में ध्वज, कलश और धार्मिक प्रतीक लिए भजन–कीर्तन करते हुए चल रही थीं।“भारत माता की जय”, “जय सनातन धर्म”, “वसुधैव कुटुम्बकम्” जैसे ओजपूर्ण जयघोषों से संपूर्ण मार्ग भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन न होकर समाज को जोड़ने और संस्कारों को पुनर्जीवित करने का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई।
नारी शक्ति के जागरण से समाज के उत्थान का संदेश
मातृशक्ति द्वारा निकाली गई यह शोभायात्रा इस भाव को स्पष्ट करती नजर आई कि सनातन संस्कृति की रक्षा और सामाजिक नैतिकता का उत्थान तभी संभव है, जब नारी शक्ति जागृत, संगठित और सक्रिय भूमिका में हो।
यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि परिवार और समाज की आधारशिला नारी है, और उसके संस्कार ही राष्ट्र की दिशा तय करते हैं।
18 जनवरी को विशाल हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन
उल्लेखनीय है कि इसी क्रम में रविवार, 18 जनवरी 2026 को पुष्पराज नगर बस्ती के तत्वावधान में, लिटिल बैम्बिनोज स्कूल, विन्ध्य विहार कॉलोनी, रीवा में विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस सम्मेलन में सैकड़ों हिन्दू परिवारों की गरिमामयी सहभागिता रहने की संभावना है। सम्मेलन में प्रमुख वक्ताओं के रूप में मुख्य अतिथि- महेन्द्र सर्राफ,योग गुरु रामाधार विश्वकर्मा,संयोजक वक्ता- प्रोफेसर अखिलेश शुक्ल,मातृशक्ति वक्ता- डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपने विचार प्रस्तुत कर सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों पर मार्गदर्शन देंगे।
निष्कर्ष-मातृशक्ति की यह विशाल शोभायात्रा और उसके बाद आयोजित होने वाला हिन्दू सम्मेलन, रीवा ही नहीं बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र में सनातन चेतना के नवजागरण का प्रतीक बनता दिखाई दे रहा है। यह आयोजन यह सिद्ध करता है कि जब समाज संगठित होकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ता है, तब सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना स्वतः सुदृढ़ होती है।

