रीवा-सीधी नेशनल हाईवे पर गुढ़ थाना क्षेत्र के कसई स्टैंड के पास गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी और भारी तनाव की स्थिति बन गई, जब आक्रोशित गौसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। बेजुबान पशुओं की दर्दनाक मौत के विरोध में लोगों ने हाईवे पर लंबा चक्काजाम लगा दिया, जिससे रीवा और सीधी के बीच आने-जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गई और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
यह पूरा विवाद मंगलवार रात हुई एक दर्दनाक घटना के बाद भड़का। बताया जा रहा है कि एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन सड़क पर बैठे 11 मवेशियों को बेरहमी से कुचलकर मौके से फरार हो गया था, जिससे उन सभी बेजुबान पशुओं की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय लोगों और गौसेवकों में प्रशासन की लचर व्यवस्था के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त हो गया था। गुरुवार सुबह इसी गुस्से के चलते लोग सड़क पर बैठ गए और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी व हाईवे पर मवेशियों की सुरक्षा की मांग करने लगे।
चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही गुढ़ एसडीएम सुधाकर सिंह और तहसीलदार अरुण यादव भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित प्रदर्शनकारियों से लंबी बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि फरार वाहन चालक की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही हाईवे पर घूम रहे आवारा मवेशियों को सुरक्षित रूप से गौशालाओं में भिजवाने का ठोस इंतजाम करने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया और यातायात बहाल हुआ।

