Vindhya International Film Festival : विंध्य की धरती पर सिनेमा, संस्कृति और वैश्विक संवाद का उत्सव-विंध्य क्षेत्र में सिनेमा, संस्कृति और वैचारिक संवाद को एक नई पहचान देने के उद्देश्य से विंध्य इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (VIFF) का सातवां संस्करण 29 से 31 जनवरी 2026 तक सीधी स्थित वैष्णवी गार्डन में आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव भारतीय और वैश्विक सिनेमा की विविध शैलियों को एक साझा मंच पर प्रस्तुत करेगा। यह फेस्टिवल केवल फिल्मों की स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विंध्य की सांस्कृतिक चेतना, स्थानीय प्रतिभाओं और वैश्विक सिनेमा के बीच संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। विंध्य इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का सातवां संस्करण 29 से 31 जनवरी 2026 तक सीधी में आयोजित होगा। 35 देशों की 75 चयनित फिल्मों, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय हस्तियों और निःशुल्क प्रवेश के साथ यह आयोजन विंध्य को वैश्विक सिनेमा से जोड़ेगा।
35 देशों की भागीदारी-75 फिल्मों का चयन
इस वर्ष फेस्टिवल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रतिसाद मिला है। 35 देशों से प्राप्त 210 फिल्मों में से 75 फिल्मों का अंतिम चयन किया गया है। इनमें -15 फीचर फिल्में,शेष शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री शामिल हैं। चयनित फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में प्रदर्शित किया जाएगा और उत्कृष्ट फिल्मों को अलग-अलग कैटेगरी में सम्मानित किया जाएगा।
सिनेमा, साहित्य और मीडिया की प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी
फेस्टिवल में सिनेमा, साहित्य और मीडिया जगत की कई जानी-मानी हस्तियां बतौर आमंत्रित अतिथि शामिल होंगी। प्रमुख नामों में वरिष्ठ पत्रकार एवं कला समीक्षक गिरिजा शंकर,अभिनेत्री कामना पाठक,अभिनेता संदीप श्रीधर,,हंस पत्रिका की सह-संपादक शोभा अक्षर,फिल्म निर्देशिका देवयानी अनंत,शिक्षाविद डॉ. शंपा मजूमदार,अभिनेता सतीश बादल एवं इंद्रमोहन सिंह शामिल हैं। इसके साथ ही इटली से फिल्म निर्देशक स्टीफेनो रोसेटी सहित देश-विदेश के कई निर्माता-निर्देशक फेस्टिवल में भाग लेंगे।
संवाद सत्र, पैनल डिस्कशन और वैचारिक विमर्श
फिल्म स्क्रीनिंग के अलावा महोत्सव के दौरान टॉक सेशन,पैनल डिस्कशन,सिनेमा, संस्कृति और समाज पर आधारित विशेष संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये सत्र दर्शकों, छात्रों और युवा फिल्मकारों के लिए सीखने और संवाद का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेंगे।
निःशुल्क प्रवेश-आम दर्शकों के लिए खुला मंच
फेस्टिवल की एक खास बात यह है कि प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। दर्शक-फेस्टिवल की आधिकारिक वेबसाइट ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या फेस्टिवल स्थल वैष्णवी गार्डन से तीनों दिन निःशुल्क पास प्राप्त कर सकते हैं।
आयोजकों की दृष्टि में फेस्टिवल
आयोजन समिति के संरक्षक डॉ. अनूप मिश्रा के अनुसार-यह फेस्टिवल केवल बड़े शहरों या विशेषज्ञों के लिए नहीं, बल्कि विंध्य के आम दर्शक, छात्र और स्थानीय कलाकार इसके केंद्र में हैं। हमारा प्रयास है कि सिनेमा यहां के लोगों की आवाज़ बने।
आयोजन समिति सदस्य इंजी. आर. बी. सिंह ने इसे विंध्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
फेस्टिवल डायरेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा
35 देशों से आई फ़िल्में इस बात का प्रमाण हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद यह फेस्टिवल वैश्विक स्तर पर अपनी विश्वसनीय पहचान बना चुका है। वहीं को-डायरेक्टर नीरज कुंदेर के अनुसार-यह आयोजन युवा और स्वतंत्र फिल्मकारों के लिए एक सशक्त मंच है, जहां उनकी कहानियां सीधे दर्शकों तक पहुंचती हैं।
आदिवासी गांवों का भ्रमण संस्कृति से सीधा संवाद
फेस्टिवल के समापन के बाद 1 फरवरी को सभी आमंत्रित अतिथियों और फिल्मकारों को जिले के आदिवासी गांवों के विशेष भ्रमण पर ले जाया जाएगा। इस दौरान वे आदिवासी लोक कलाओं,सांस्कृतिक परंपराओं,पारंपरिक खान-पान से परिचित होंगे।
आयोजकों के अनुसार, यह पहल स्थानीय आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
सामूहिक सहयोग से साकार हुआ आयोजन
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के कई संस्थानों, शिक्षण संस्थानों, होटल समूहों, मीडिया हाउस और व्यापारिक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिनके सहयोग से यह महोत्सव आकार ले सका।
निष्कर्ष-विंध्य इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 न केवल एक फिल्म आयोजन है, बल्कि यह विंध्य क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मकता और वैश्विक संवाद का प्रतीक बनता जा रहा है। निःशुल्क प्रवेश, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और स्थानीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों के साथ यह फेस्टिवल विंध्य को सिनेमा के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है।

