रीवा: भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है, जिसमें विंध्य क्षेत्र को जबरदस्त तवज्जो दी गई है। पार्टी आलाकमान ने आगामी संगठनात्मक विस्तार में रीवा संभाग को विशेष महत्व देते हुए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला सहित क्षेत्र के कई कद्दावर नेताओं को टीम में शामिल किया है। राजनीतिक गलियारों में भाजपा के इस कदम को आगामी विधानसभा चुनाव और साल 2028 के लोकसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियों को धार देने की दिशा में एक बड़ा और अहम फैसला माना जा रहा है।
इस नई सूची में रीवा जिले से उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की लोकप्रियता और उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव पर पार्टी ने एक बार फिर बड़ा भरोसा जताया है। उनके साथ ही पूर्व सेमरिया विधायक के.पी. त्रिपाठी, पूर्व महापौर ममता गुप्ता, गौरव तिवारी, गिरीश गौतम और मनीषा पाठक को प्रदेश कार्यसमिति में शामिल कर रीवा में संगठन को हर वर्ग से जोड़ने का प्रयास किया गया है। वहीं रीवा से अलग होकर बने नए मऊगंज जिले से मृगेन्द्र सिंह और अखंड प्रताप सिंह को भी इस महत्वपूर्ण समिति में जगह देकर विंध्य में पार्टी की पैठ को और मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बीजेपी के इस फैसले से साफ है कि पार्टी विंध्य क्षेत्र को अपने सबसे मजबूत गढ़ के रूप में देखती है और इस विश्वास को बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। रीवा और मऊगंज के अलावा सतना से सांसद गणेश सिंह, पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह नागौद और सीधी से सांसद रीती पाठक को भी इस नई टीम में विशेष स्थान मिला है। वरिष्ठ और जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले इन दिग्गजों की मौजूदगी से विंध्य में भाजपा की चुनावी रणनीति और ज्यादा आक्रामक होने की उम्मीद है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्व विधायकों, सांसदों और महापौर स्तर के अनुभवी चेहरों को एक साथ लाने से न सिर्फ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा, बल्कि संगठन की पकड़ भी अभेद्य होगी। यह नियुक्तियां सीधे तौर पर विंध्य क्षेत्र में भाजपा की उस विस्तारवादी रणनीति को रेखांकित करती हैं, जिसके तहत पार्टी आगामी 2028 के चुनावों में अपनी सीटों का ग्राफ और ज्यादा बढ़ाने के मिशन पर काम कर रही है।

