Villagers surrounded collector office in Rewa: रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलिया के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को अपनी वर्षों पुरानी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया। यह घटना जिले में विकास की कमी और प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों के गुस्से का प्रतीक बन गई है।
ग्रामीण सरपंच प्रतिनिधि के नेतृत्व में ट्रैक्टर-ट्रॉली से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। लगभग दो घंटे तक धरने पर डटे रहने के बावजूद कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ उनसे मिलने नहीं आए। कलेक्टर कार्यालय से बाहर होने के कारण नहीं पहुंचीं, जबकि सीईओ ने ग्रामीणों से बात करने से साफ इनकार कर दिया। इससे ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी एकजुट होकर कलेक्टर एवं प्रशासन के खिलाफ जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे।
मौके पर पहुंचे एसडीएम ने स्थिति संभालते हुए ग्रामीणों से वार्ता की और उन्हें लिखित आश्वासन दिया कि अगले 7 दिनों के अंदर एसडीएम और सीईओ दोनों गांव का दौरा करेंगे, लंबित विकास कार्यों को स्वीकृति देंगे और गांव को पेयजल आपूर्ति योजना से जोड़ा जाएगा।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पिछले चार वर्षों में बार-बार प्रभारी मंत्री, मुख्यमंत्री, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को लिखित शिकायतें दीं, लेकिन कोई भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ।
गिनाईं मुख्य समस्याएं
- गांव में सड़क न होने से मानसून में प्रसूता महिलाओं और गंभीर बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाना लगभग असंभव हो जाता है।
- शौचालयों की भारी कमी से स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा।
- शहर से महज 15 किलोमीटर दूर होने के बावजूद आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित जीवन।
