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सतना में बिजली ठप होने से जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण, गुस्साए लोगों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Villagers in Satna are risking their lives due to power outages.Villagers in Satna are risking their lives due to power outages.

Villagers in Satna are risking their lives due to power outages.

सतना/नागौद। सतना जिले के नागौद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमा में बिजली विभाग की चरम लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। पिछले दो दिनों से आमा सबस्टेशन पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे परेशान होकर ग्रामीण बिना किसी तकनीकी जानकारी और सुरक्षा उपकरणों के खुद ही बिजली लाइन सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। बिजली के खंभों और चालू तारों के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी समय किसी ग्रामीण की जान ले सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की इस निष्क्रियता और लापरवाही ने उन्हें अपनी जान दांव पर लगाने के लिए विवश कर दिया है।

समस्या हल न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

इस गंभीर स्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन नहीं लिया गया, तो वे मजबूर होकर लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

दो दिन से अंधेरा और पानी का संकट, लाइनमैन के अजीब बहाने

आमा और आसपास के इलाके पिछले 48 घंटों से पूरी तरह अंधेरे के आगोश में डूबे हुए हैं, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के लाइनमैन विश्राम कुशवाहा को समस्या बताने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने मोबाइल बंद रखा। जब बमुश्किल संपर्क हुआ, तो उन्होंने समस्या सुधारने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग किया। ग्रामीणों के अनुसार, लाइनमैन “मेरी ड्यूटी का सिर्फ एक महीना बचा है” और “मुझे रात में दिखाई नहीं देता” जैसे गैर-जिम्मेदाराना बहाने बना रहे हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

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