विजय हजारे ट्रॉफी के ताजा मुकाबलों में गुरुवार को बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला। महाराष्ट्र के रुतुराज गायकवाड़ ने शानदार शतक जड़कर रिकॉर्ड की बराबरी की, जबकि रवींद्र जडेजा और हार्दिक पंड्या के अर्धशतकों ने कई मुकाबलों की दिशा तय की।
विजय हजारे ट्रॉफी में रुतुराज गायकवाड़ का ऐतिहासिक शतक
महाराष्ट्र के कप्तान Ruturaj Gaikwad ने दबाव के बीच संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। उन्होंने नाबाद 134 रन की पारी खेली, जिसमें चौकों और छक्कों का संतुलित उपयोग रहा। इस शतक के साथ गायकवाड़ टूर्नामेंट इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए।
रिकॉर्ड की बात करें तो गायकवाड़ ने यह उपलब्धि अपेक्षाकृत कम मैचों में हासिल की। उनकी इस पारी की बदौलत महाराष्ट्र एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सका, जिसमें मध्यक्रम का भी अहम योगदान रहा।
महाराष्ट्र की पारी को मिला सहयोग
रुतुराज के अलावा महाराष्ट्र के लिए अन्य बल्लेबाजों ने भी जिम्मेदारी निभाई। निचले क्रम में आए बल्लेबाजों ने साझेदारी बनाकर स्कोर को मजबूती दी। टीम का कुल स्कोर 250 के करीब पहुंचा, जिसे प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पारी रुतुराज के आत्मविश्वास और घरेलू क्रिकेट में उनकी निरंतरता को दर्शाती है, जो उन्हें आगामी राष्ट्रीय चयन के लिए मजबूत दावेदार बनाती है।
सौराष्ट्र बनाम गुजरात: बड़े स्कोर का मुकाबला
सौराष्ट्र के लिए Vishvaraj Jadeja ने शतकीय पारी खेलकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान हरविक देसाई ने भी आक्रामक अंदाज में रन बटोरे। अंत में Ravindra Jadeja ने तेजी से रन जोड़कर पारी को गति दी।
इन पारियों के चलते सौराष्ट्र ने 50 ओवर में 380 से अधिक रन बनाए, जो इस सीजन के बड़े स्कोरों में शामिल रहा।
बड़ौदा के लिए हार्दिक पंड्या का तूफान
बड़ौदा के मुकाबले में Hardik Pandya ने कम गेंदों में अर्धशतक लगाकर मैच का रुख बदल दिया। उनकी पारी में लंबे शॉट्स की भरमार रही। उनके साथ अन्य बल्लेबाजों ने भी तेज रन बनाए, जिससे टीम का स्कोर लगभग 400 तक पहुंच गया।
यह प्रदर्शन दिखाता है कि हार्दिक घरेलू क्रिकेट में भी आक्रामक बल्लेबाजी के अपने अंदाज को बरकरार रखे हुए हैं।

पंजाब बनाम मुंबई: गेंदबाजों का प्रभाव
जहां कई मैचों में बल्लेबाज हावी रहे, वहीं पंजाब और मुंबई के बीच मुकाबले में गेंदबाजों का दबदबा दिखा। मुंबई के गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन और लेंथ से पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी को नियंत्रित किया।
पंजाब के लिए मध्यक्रम के कुछ बल्लेबाजों ने संघर्ष किया, लेकिन टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
उत्तर प्रदेश, विदर्भ और अन्य मुकाबले
उत्तर प्रदेश के लिए स्पिन गेंदबाज Zeeshan Ansari ने लगातार प्रभावी प्रदर्शन जारी रखा। उनके स्पेल ने विपक्षी टीम को बड़े स्कोर से रोका। वहीं, विदर्भ की ओर से शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया।
हैदराबाद और तमिलनाडु के मुकाबलों में भी बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। तमिलनाडु के कप्तान ने शतक लगाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, हालांकि विपक्षी गेंदबाजों ने भी असरदार प्रदर्शन किया।
टूर्नामेंट की तस्वीर क्या कहती है
विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा चरण में बल्लेबाजों का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। कई टीमों ने 300 से अधिक स्कोर खड़े किए हैं, जबकि कुछ मुकाबलों में गेंदबाजों ने संतुलन बनाया है।
घरेलू क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि यह टूर्नामेंट युवा और अनुभवी खिलाड़ियों दोनों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच बना हुआ है।
आगे क्या रहेगा अहम
आने वाले मुकाबलों में टीमों की नजर नॉकआउट चरण में जगह बनाने पर रहेगी। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की भी नजर बनी हुई है। ऐसे में हर मैच खिलाड़ियों के लिए अहम साबित हो सकता है।
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