Top Actress Vidya Balan :टाॅप एक्ट्रेसेस विद्या बालन आज फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग इमेज रखती हैं ज़्यादातर बिंदास रोल के लिए जानी जाने वाली विद्या क़रीब 40 फिल्मों का हिस्सा रह चुकी हैं इनमें हिंदी फिल्मों के अलावा, मलयालम और बंगाली भाषा की फिल्में भी शामिल है पर क्या आप जानते हैं उनके यहाँ तक के सफर के बारे में क्या आपको याद है जब महज़ 19 साल की विद्या डिटर्जेंट पाउडर के ऐड में सफेद चमचमाती साड़ी पहने 8 साल के बेटे के साथ नज़र आती थीं अगर नहीं तो चलिए आज उनकी इस जर्नी की कुछ ख़ास बातें आपको बताते हैं।
1 जनवरी, 1978 को केरल के मूल निवासी पीआर बालन और सरस्वती जी के घर पैदा हुईं विद्या बालन का पैतृक नगर है केरल के पलक्कड़ ज़िले का ओट्टापलम और वो पलक्कड़ के एक तमिल भाषी अय्यर परिवार से ताल्लुक रखती हैं। यूँ तो विद्या बचपन से ही एक्ट्रेस बनने का ख्वाब देखने लगी थीं, पर उनकी माँ को ये फील्ड बुल्कुल पसंद नहीं थी उनका कहना था कि साउथ इंडियन लड़की को ये काम शोभा नहीं देता ,परिवार का दूर-दूर तक एक्टिंग से कोई नाता भी नहीं था। हालाँकि पिताजी विद्या का सपोर्ट करते थे।
पापा के इसी स्पोर्ट के चलते विद्या कभी-कभार थिएटर और कुछ ऐड करती रहती थीं ,माँ ने भी ये सोचकर, बे -मन से इजाज़त दे दी कि 1-2 ऐड्स करके विद्या का एक्टिंग का बुखार उतर जाएगा लेकिन विद्या रुकने का नाम नहीं ले रही थीं और उनकी ऐड्स की गिनती 90 तक पहुंच गई क्योंकि उस वक़्त वो 18 -19 साल की थीं और पढ़ाई भी कर रही थीं फिर पापा ने सख्त हिदायत दे रखी थी कि एक्टिंग की वजह से उनकी पढ़ाई का नुक्सान नहीं होना चाहिए और ऐड में काम करने से उनकी काॅलेज की पढ़ाई पर असर नहीं पड़ता था। थिएटर के एक प्ले के दौरान ही उन्हें एक टीवी शो में काम करने का मौका मिला हालाँकि ये शो कभी ऑन एयर नहीं हुआ पर उनके लिए कुछ नए द्वार खुल गए और उन्होंने टेलीविजन कार्यक्रमों, म्यूज़िक वीडियो और ऐड्स की मेज़बानी भी संभाली।
पहली ही फिल्म से लगा झटका :-
बात उन दिनों की है जब विद्या ऐड शूट करने केरल गईं थीं तभी ऐड काेऑर्डिनेटर ने उन्हें मलयालम फिल्म ‘चक्रअब’ में काम करने का ऑफर दिया विद्या को पता चला कि इस फिल्म में मोहनलाल लीड रोल कर रहे हैं तो विद्या जल्दी से राज़ी भी हो गईं लेकिन एक बार के शूट के बाद ही डायरेक्टर कमल और मोहनलाल में किसी बात को लेकर बहस हो गई शायद दोनों का ईगो क्लैश हो गया फिर बात इतनी बिगड़ गई कि फिल्म की शूटिंग ही रुक गई।
हालाँकि फिल्म ‘चक्रअब ‘का अनाउंसमेंट हो चुका था और इसी की बिना पर विद्या को साउथ की क़रीब बारह फिल्मों के ऑफर मिले थे, जिनसे विद्या बेहद खुश थीं लेकिन एक दिन उनकी नज़र उस खबर पर पड़ी जिसमें लिखा था कि मोहनलाल और कमल के बीच अब कोई मन मुटाव नहीं हैं ‘चक्रअब’ के पहले भी वो कई फिल्में साथ कर चुके हैं और जो कुछ भी इस फिल्म के दौरान हुआ है उसकी ज़िम्मेदार विद्या बालन हैं। इंडस्ट्री में ये खबर आग की तरह फैल गई और एक के बाद एक विद्या को सभी 12 फिल्मों से निकाल दिया गया। इस बात से विद्या इतना दुखी हो गईं कि उनकी हालत माँ से देखी नहीं जा रही थी और हमेशा उनके फिल्मों में काम करने के फैसले से नाराज़ रहने वाली माँ ने भी दुआएँ करनी शुरू कर दीं कि विद्या को कोई फिल्म मिल जाए और उनके चेहरे पर मुस्कराहट फिर से लौट आए।
फिर भी इस ग़म को दर किनार करते हुए विद्या आगे बढ़ती रहीं और इसी बीच यूफोरिया ग्रुप के म्यूज़िक वीडियो में काम करने के लिए डायरेक्टर प्रदीप सरकार (दादा) ने विद्या को अपनी कॉलेज कलीग के कहने पर काम दिया और इसमें उन्हें विद्या की एक्टिंग के साथ फेस के एक्सप्रेशन भी कमाल के लगे जिसे नोटिस करते हुए उन्होंने विद्या को अपनी फिल्म में लेने का वादा किया।
लेकिन विद्या को फिल्मों में पहला मौका दिया ,निर्देशक गौतम हल्दर ने अपनी 2003 में रिलीज़ हुई बंगाली फिल्म ‘भालो थेको’ में। इस फिल्म के लिए उन्हें आनंदलोक पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार भी मिला। डायरेक्टर प्रदीप सरकार ने फिर अपना वादा पूरा किया ,प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा के साथ अपनी 2005 की फिल्म ‘परिणीता’ में विद्या को बतौर हीरोइन लेकर हालाँकि प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा आसानी से नहीं माने थे, उन्होंने बाकायदा विद्या का ऑडिशन लिया और जब वो पास हुईं तभी उन्हें ये रोल दिया बस फिर क्या था। इस फिल्म में उन्होंने जो कमाल दिखाया उसे भूलना किसी के लिए भी आसान नहीं था और विद्या को एक के बाद एक फिल्मों के ऑफर मिले और फिल्में बनी भी, जिनमें ख़ास थीं – ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ और ‘हे बेबी’ .
तलाकशुदा प्रोड्यूसर सिद्धार्थ रॉय कपूर से शादी:-
बड़ी मेहनत और लगन से विद्या ने अपना करियर पीक पर पहुँचा दिया लेकिन तभी उन्होंने 2012 में तलाकशुदा प्रोड्यूसर सिद्धार्थ रॉय कपूर से शादी करके सबको चौंका दिया क्योंकि विद्या उनकी तीसरी पत्नी हैं। उनके अब तक के स्वर्णिम दौर की बात करें तो वो रहा 2009 से 2011 तक का, जब उन्होंने 2009 की फिल्म ‘पा’, 2010 की ‘ इश्क़िया ‘ ,2011 की ‘द डर्टी पिक्चर’ और 2011की ‘नो वन किल्ड जेसिका’ जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय का जलवा दिखाया।
हालांकि इस दौरान विद्या की लाइफ में एक ऐसा भी वक़्त आया था कि वो इंडस्ट्री ही छोड़ना चाहती थीं जिसकी वजह थी फिल्म ‘हे बेबी’ के बाद उन्हें वज़न और पहनावे को लेकर ट्रोल किया जाना फिर उन्हें फिल्में मिलीं ,’ द डर्टी पिक्चर’ और ‘कहानी’। ये ऐसी फिल्में थीं जिनमें काम करना से कंगना रनोट और बिपाशा बसु ने भी मना कर दिया था। उन दिनों आगे आने वाली फिल्में ‘फरारी की सवारी’ से लेकर बाॅबी जासूस तक, बॉक्स आफिस पर कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा पाईं ,इसके बाद वो इमरान हाशमी के साथ फिल्म ‘हमारी अधूरी कहानी’ में नज़र आईं लेकिन बॉक्स ऑफिस कुछ भी कहे पर विद्या के प्रसंशक यही कहते हैं कि वो अपनी फिल्मों में हीरोइन नहीं बल्कि हीरो होती हैं और कहानी ,नो वन किल्ड जेसिका,तुम्हारी सुलु ,इश्किया ,द डर्टी पिक्चर ,भूल भुलैया और शकुन्तला देवी जैसी फिल्मों ने ये साबित भी किया है।
फिल्मों में हीरोइनों के ‘हीरो’ बनने का ट्रेंड शुरू करने वाली विद्या ने फिल्म “मिशन मंगल” (Mission Mangal) में भी अपनी अनूठी छाप छोड़ी है, उन्होंने शुभा मुद्गल, यूफोरिया और पंकज उधास जैसे मशहूर ग्रुप्स और कलाकारों के कई म्यूज़िक वीडियो में भी काम किया तो वहीं एकता कपूर के लोकप्रिय धारवाहिक ‘हम पांच’ में भी एक्टिंग की है। ख़ैर आज विद्या की कुल नेटवर्थ 204 करोड़ रुपए है। वो एक फिल्म के लिए 2-3 करोड़ रुपए फीस चार्ज करती हैं और कई ब्रांड को एंडोर्स भी करती हैं उनकी एंडोर्समेंट फीस की बात करें तो वो क़रीब 1 करोड़ रुपए है। विद्या ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए 4 इंटर नेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी अवॉर्ड ,1 नेशनल फिल्म अवाॅर्ड और 6 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते, यही नहीं भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया है।
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