भारतीय बाजार में मेटल सेक्टर के शेयरों पर आज हलचल देखी गई है क्योंकि Vedanta sell stake in Hindustan Zinc की घोषणा के साथ वेदांता समूह ने अपने एक प्रमुख हेल्पर कंपनी में 1.6% तक हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह कदम निवेश करने वाले लोग और विश्लेषकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है, जिससे बाजार में नजरें इस कदम के संभावित प्रभाव पर टिकी दिख रही हैं।

Vedanta sell stake in Hindustan Zinc” की अहमियत क्या है?
इस सप्ताह की शुरुआत में वेदांता लिमिटेड ने एक ऑफिशियल बयान जारी कर कहा कि वह अपने मैजॉर अर्म, Hindustan Zinc Ltd (HZL) में 1.59% से 1.60% तक की हिस्सेदारी OFS (Offer For Sale) के माध्यम से बेच सकती है। कंपनी के अनुसार, लगभग 6.7 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में ऑफर किए जाएंगे, जिसका उद्देश्य समूह की फाइनेंस स्थिति की मजबूती को और भी बेहतर बनाना है।
यह कदम इस लिहाज से खास है क्योंकि वेदांता पहले से ही HZL में करीब 61.8% की हिस्सेदारी रखता है। अब प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री के बाद यह घटकर लगभग 60.2% रह सकती है। दूसरी ओर सरकार का हिस्सेदारी स्तर लगभग 27.9% के आसपास ही है, जो इसे कंपनी में दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक बनाता है।
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क्या वजह है हिस्सेदारी बेचने की?
Vedanta sell stake in Hindustan Zinc के पीछे वेदांता का कहना है कि यह प्लानिंग उन्हें पूंजी जुटाने में मदद करेगी। वर्तमान में, मेटल कीमतों में तेजी और HZL की वित्तीय परिणामों में मजबूती के बीच कंपनी को उच्च मूल्य पर हिस्सेदारी बेचने का अवसर भी मिल रहा है। मार्केट शोधकर्ता के मुताबिक, वेदांता इस कदम को अपनी डिब्ट प्रोफाइल को सुधारने और संभावित विस्तार या ऑपरेशनल निवेश के लिए फंड जुटाने के रूप में देख रहा है। अगर शेयर की मांग अच्छी होती है, तो यह कदम समूह को वित्तीय तनाव कम करने में मदद कर सकता है।
शेयर बाजार में क्या प्रतिक्रिया रही?
“Vedanta sell stake in Hindustan Zinc” की खबर के बाद बाजार में HZL के शेयर में थोड़ी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अक्सर OFS की घोषणाओं के बाद कुछ शॉर्ट टर्म प्रेशर हो सकता है, क्योंकि बाजार में हिस्सेदारी के अतिरिक्त प्रेशर का अनुमान लगाते हुए निवेशक अपनी प्रतिक्रिया देते हैं।
हालांकि, कंपनी ने OFS के लिए फ्लोर प्राइस लगभग 685 रुपए प्रति शेयर तय किया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से कुछ नीचे है। इसे कुछ लोग डिस्काउंटेड प्राइसिंग का संकेत मान रहे हैं, ताकि ऑफर में अधिक सब्सक्रिप्शन मिल सके।
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विश्लेषकों की राय क्या है?
बाजार के रिसर्च करने वाले लोगों का मानना है कि यह कदम प्लानिंग रूप से वाजिब लगता है। HZL के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और उच्च रेवेन्यू ग्रोथ ने वेदांता को इस समय हिस्सेदारी बेचने का अनुकूल मोमेंट दिया है। हालांकि, निवेशकों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे इस ऑफर का मूल्यांकन अपनी निवेश प्लानिंग के अनुरूप ही करें।
