Vedanta power share price: इन दोनों शेयर बाजार में दे मर्जर एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है हाल ही के सालों में कई सारी बड़ी भारतीय कंपनियां जो अपने कारोबार को अलग-अलग इकाइयों में बताकर शेरधारक के लिए एक्स्ट्रा वैल्यू बनाने की कोशिश कर रही है। इसका हालिया उदाहरण vedanta है। जहां डिमर्जर के बाद निवेश करने वाले लोगों को संयुक्त रूप से पहले की तुलना में अधिक वैल्यू मिली है। इसके बाद से बाजार की नजर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे ग्रुप पर है जहां भविष्य में इस तरह की संभावनाएं देखी जा सकती हैं।
Vedanta Demerger से कैसे बढ़ी शेयरधारक की वैल्यू?
वेदांता कंपनी के डिमर्जर होने के बाद अलग-अलग इकाइयों की लिस्टिंग शुरू हुई। स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार रिकॉर्ड डेट पर वेदांत के शेर का दाम करीब 773 रुपए था जबकि डिमर्जर होने के बाद सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त मूल्य लगभग 903 रुपए प्रति शेयर हो गया। इससे शेयरधारकों को करीब 16% तक का एक्स्ट्रा वैल्यू मिला है कंपनी पहले भी नियमित रूप से आकर्षक डिविडेंड देने के लिए जानी जाती है।
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इन कंपनियों ने भी Demerger के जरिए किया वैल्यू को अनलॉक
Vedanta के अलावा Tata Motors, Siemens India, Raymond और ITC जैसी कंपनियां भी अपने अलग-अलग बिजनेस को स्वतंत्र कार्यों में बंट चुकी है। टाटा मोटर्स ने अपने कमर्शियल और पैसेंजर व्हीकल कारोबार को अलग कर लिया है जबकि सिमोन इंडिया ने एनर्जी बिजनेस को स्वतंत्र कंपनी के रूप में सूचीबद्ध कराया है। रेमंड कंपनी ने रियल एस्टेट इंजीनियरिंग और लाइफस्टाइल के बिजनेस को अलग-अलग संरचनाएं दी है। वही आईटीसी ने होटल कारोबार को अलग कर आईटीसी होटल की लिस्टिंग कराई है विश्लेषकों के अनुसार ऐसे पुनर्गठन से प्रत्येक बिजनेस का स्वतंत्र मूल्यांकन होना संभव है और निवेश करने वाले लोगों को अपने पसंदीदा सेक्टर में सीधे निवेश करने का भी ऑप्शन मिलता है।
Reliance Industries पर अब क्यों टिकी है नजर?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक उपनिवेश करने वाले लोगों की सबसे ज्यादा नजर रिलायंस इंडस्ट्री पर है लंबे समय से कंपनी के टेलीकॉम बिजनेस जिओ से प्रभावित अलग लिस्टिंग को लेकर चर्चाएं होती रही है। हालांकि कंपनी ने इसके बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है विश्लेषकों के अनुसार अगर भविष्य में ऐसा कोई कदम उठाया जाता है तो यह भारतीय बाजार का बड़ा वैल्यू अनलॉकिंग इवेंट हो सकता है।
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निवेशकों के लिए क्या है बड़ी सीख?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार हर demerger निवेश करने वाले लोगों के लिए समान परिणाम नहीं देता है किसी भी डेमोजर की सफलता संबंधित कंपनी के बिजनेस फाइनेंशियल प्रदर्शन प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं पर भी निर्भर करतीहै। कुछ मामलों में शुरुआती तेजी के बाद शहरों में गिरावट भी देखी गई है इसलिए केवल डिमर्जर की घोषणा के आधार पर निवेश कब फैसला लेना अच्छा नहीं होगा। मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार निवेश करने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वह कंपनी के फाइनेंशियल स्थिति, अलग होने वाले बिजनेस की क्षमता और लंबे समय की प्लानिंग का मूल्यांकन करने के बाद में कोई फैसला लेना चाहिए। यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है इसको निवेश की सलाह नहीं लें।

