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राहुल गांधी को बनाया परशुराम! कांग्रेस पर भारी पड़ेगी ईशनिंदा

Varanasi Congress Rahul Gandhi Parashuram Poster Outrage: कांग्रेस और विपक्ष बीजेपी सपोर्टर्स के लिए एक शब्द का इस्तेमाल करते हैं ‘अंध भक्त’ लेकिन अब बीजेपी वाले पूछ रहे हैं कि हम अंध भक्त हैं तो फिर ये क्या है? वाराणसी में गंगा नदी के तट पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi Birthday) के पोस्टर का दूध से अभिषेक किया गया, ऐसा करके यूथ कांग्रेस ने LOP का बर्थडे सिलिब्रेट किया लेकीन इस दौरान कोंग्रेसियों ने हिन्दू धर्म को मानाने वालों की आस्था को बड़ी चोट पंहुचा दी. राहुल गाँधी को भगवान् परशुराम (Lord Parasuraman Blasphemy) के रूप में दिखाया गया. शरीर में शेर की खाल, एक हाथ में परशु और दूसरे में संविधान। सोशल मीडिया में यूथ कांग्रेस की इस करतूत को लेकर भयंकर बवाल मचा हुआ है. लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस ने सनातन धर्म का अपमान किया है, यह जन्मदिन का सेलिब्रेशन नहीं बल्कि ईशनिंदा है. हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोग सीएम योगी और यूपी पुलिस से भगवान परशुराम का अपमान करने वाले कोंग्रेसियों को गिरफ्तार करने की मांग उठा रहे हैं.

इधर बीजेपी ने भी इसे भगवान परशुराम का अपमान बताते हुए सनातनियों की आस्था का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने वीडियो जारी कर कहा कि- ये 364 दिन तुष्टिकरण करते हैं और राहुल गाँधी के जन्मदिन पर इन्हे भगवान याद आते हैं.

वहीं बीजेपी प्रवक्ता शाहबाज पूनावाला ने कहा कि- राहुल गाँधी एक नेता हैं और क्या एक नेता की तुलना भगवान् से की जा सकती है?

इस मामले में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है, उन्होंने कहा कि- भगवान परशुराम की बराबरी करना राहुल गांधी को काफी महंगा पड़ेगा।

खैर ये पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस ने ऐसे विवादित पोस्टर बनाकर गाँधी फैमिली के मेंबर्स को भगवान साबित करने की कोशिश की हो. इससे पहले 2018 में अमेठी में, राहुल गाँधी को श्री राम और पीएम मोदी को रावण की तरह दर्शाने वाला पोस्टर लगाया था था



2024 में कानपूर में लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गाँधी को श्री कृष्ण और अजय राय को अर्जुन की तरह दिखाने वाला पोस्टर लगाया गया.

2023 में तेलंगाना में सोनिया गाँधी को भारत माता के रूप में दिखाया गया था

पिछले साल दशहरा में राहुल गाँधी को भगवान राम जैसा बताया गया

और अब परशुराम बना दिया। यानी कोंग्रेसी, गाँधी फैमिली में भगवान् को देखती है लेकीन अंत में फिर सवाल यही उठता है कि क्या ये अंध भक्ति नहीं है? बहरहाल वाराणसी में राहुल के जन्मदिन पर उन्हें परशुराम की तरह दिखाना वाकई कांग्रेस को भारी पड़ सकता है. कांग्रेस पर ईशनिंदा के आरोप लग रहे हैं, गिरफ़्तारी की मांग उठ रही है. एक साल बाद यूपी में चुनाव हैं जहां ब्राह्मण वोट महत्वपूर्ण माना जाता है. ब्राह्मण, भगवान परशुराम को अपमान आराध्य मानते हैं और यूपी चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा भी हैं. हालांकि अब देखना होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई के लिए क्या करती है? ऐसी सम्भावना है कि बीजेपी इस मुद्दे को ऐसे ही खत्म नहीं होने देगी, इस मामले पर ब्राह्मण समाज विरोध प्रदर्शन भी कर सकता है.

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