Vande Mataram Rules: देश में कई सालों से देश के राष्टीय गीत वंदे मातरम को लेकर विवाद और बहस जारी है. पिछले संसद सत्र में Vande Mataram पर खूब चर्चा हुई. अब गृह मंत्रालय इस बात पर विचार कर रहा है कि वंदे मातरम को भी राष्ट्रीय गान जन गण मन की तरह सम्मान मिले और इसका अपमान करने वालों को दंड! गगृह मंत्रालय इस बात पर विचार कर रहा है कि वंदे मातरम पर भी जन गण मन जैसे प्रोटोकॉल लागू होने चाहिए या नहीं।
इस महीने की शुरुआत में सरकार की एक बड़ी बैठक हुई. इसमें राष्ट्रीय गीत सुनाने के नियमों पर बात की गई. चर्चा यह थी कि क्या इसके लिए भी वही नियम हों, जो राष्ट्रगान के लिए होते हैं.
MHA ने यह बैठक बुलाई थी, जिसमें कई मंत्रालयों के सीनियर अधिकारी शामिल हुए. बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि क्या वंदे मातरम के लिए भी यह तय किया जाए कि इसे कब और कैसे गाया जाए, राष्ट्रगान के साथ गाया जाए या नहीं, और अगर कोई इसका अपमान करे तो क्या सज़ा होनी चाहिए.
राष्ट्रगीत को लेकर क्या नियम हैं?
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम गीत 1905-08 के स्वदेशी आंदोलन के दौरान लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और आज़ादी की लड़ाई से गहराई से जुड़ गया.संविधान सभा में इसे राष्ट्रीयगान की तरह सम्मान मिला है मगर इसे सुनने या गाने को लेकर राष्ट्रीयगान जैसा कोई प्रोटोकॉल नहीं है. मतलब खड़े होकर गाना है, कोई खास शारीरिक मुद्रा होनी चाहिए या नहीं, या फिर अपमान करने पर सज़ा का प्रावधान हो.
हाल के कुछ सालों में अदालतों में कई याचिकाएं दायर हुई हैं, जिनका मकसद यह साफ करना है कि क्या ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ के तहत राष्ट्रगान से जुड़े मामलों में सजा दी जा सकती है या नहीं. इस एक्ट के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान के गायन में रुकावट डालता है या गान गा रही सभा को बाधित करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है.
