Vande Mataram New Guidelines : अब स्कूल हो या फिल्म थिएयटर, सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान- जन गण मन के बाद राष्ट्रीय गीत- पूरा 6 छंद वाला वंदे मातरण बजाना अनिवार्य हो गया है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। सरकारी प्रोग्राम या स्कूलों में अब 6 छंद वाला पूरा राष्ट्रीय गीत बजाया जाएगा।
अब राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रगीत बजाना अनिवार्य
बुधवार को केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। जिसमें कहा गया है कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों (सिनेमा हाल, पार्क) पर वंदे मातरम का पूरा संस्करण बजाया जाएगा। साथ ही इन कार्यक्रमों में राष्ट्रगान की तरह राष्ट्र गीत के वादन पर खड़े होकर सम्मान करना अनिवार्य किया गया है। सिनेमाघरों में वंदे मातरम के लिए खड़े होना जरूरी नहीं होगा, लेकिन सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में यह नियम लागू रहेगा। सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक संस्थानों को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है।
राष्ट्रगीत को लेकर क्या है नई गाइडलाइंस?
- 3 मिनट 10 सेकंड के 6 छंद वाले वंदे मातरम को सरकारी कार्यक्रमों में बजाया जाएगा और गाया जाएगा। यह पूरा गीत, जिसमें शुरुआती लाइनें और अतिरिक्त लाइनें भी शामिल हैं, अनिवार्य होगा।
- जब राष्ट्रगीत और जन गण मन दोनों गाए या बजाए जाएंगे, तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा। इस दौरान लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
- अगर राष्ट्रगीत फिल्म के एक भाग में बजता है, तो उसमें खड़ा होना जरूरी नहीं है। इससे व्यवस्था और अनुशासन की कमी हो सकती है, इसलिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम टीवी शो और डॉक्यूमेंट्री पर लागू नहीं होगा।
- इस गाइडलाइंस का उद्देश्य वंदे मातरम को लोकप्रिय बनाना है। इससे पहले, 150वीं वर्षगांठ पर संसद में इस पर बहस हुई थी और गणतंत्र दिवस परेड में भी कई झांकियां प्रदर्शित हुई थीं।
किन स्थानों पर लागू होगी ये गाइडलाइन?
- सिविल सम्मान समारोह, सरकारी और औपचारिक राजकीय समारोह, राष्ट्रपति और राज्यपाल के आगमन और प्रस्थान के समय।
- आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्र के नाम प्रसारित होने से पहले और बाद में।
- जब राष्ट्रीय झंडा परेड में लाया जाएगा।
- किसी भी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में, खासकर जब राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आयोजन हो।
- जब बैंड के साथ राष्ट्रगीत गाया जाए, तो इसकी शुरुआत मृदंग या बिगुल बजाकर की जाएगी।
- इन सभी अवसरों पर राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन अनिवार्य होगा। इसके लिए उचित व्यवस्था और प्रशिक्षित गायकों की मंडली का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रगीत कब-कब अनिवार्य होगा?
- स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, और सभी सार्वजनिक स्थानों पर।
- सरकारी समारोहों, सम्मान समारोहों, और राष्ट्रपति या राज्यपाल के आगमन व प्रस्थान के समय।
- सरकारी प्रसारण जैसे आकाशवाणी और दूरदर्शन पर, जब राष्ट्र के नाम संदेश प्रसारित हों।
- जब राष्ट्रीय झंडा परेड में लाया जाए।
- किसी भी विशेष सरकारी आदेश या कार्यक्रम में।
क्या है 6 छंद वाला पूरा राष्ट्रगीत
छंद 1
वन्दे मातरम्।सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्।शस्यशामलां मातरम्।शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं।फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं।सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं।सुखदां वरदां मातरम्।।वन्दे मातरम्।।
छंद 2
वन्दे मातरम्। कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले।कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले।अबला केन मा एत बले।बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं।रिपुदलवारिणीं मातरम्।।वन्दे मातरम्।।
छंद 3
वन्दे मातरम्। तुमि विद्या, तुमि धर्म।तुमि हृदि, तुमि मर्म।त्वं हि प्राणाः शरीरे।बाहुते तुमि मा शक्ति।हृदये तुमि मा भक्ति।तोमारई प्रतिमा गडि।मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्।।वन्दे मातरम्।।
छंद 4
वन्दे मातरम्। त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी।कमला कमलदलविहारिणी।वाणी विद्यादायिनी।नमामि त्वाम्।नमामि कमलां अमलां अतुलां।सुजलां सुफलां मातरम्।।वन्दे मातरम्।।
छंद 5
वन्दे मातरम्। श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां।धरणीं भरणीं मातरम्।शत्रु-दल-वारिणीं।मातरम्।।वन्दे मातरम्।।
छंद 6
वन्दे मातरम्। त्वं हि शक्ति, त्वं हि शक्ति।त्वं हि शक्ति मातरम्।वन्दे मातरम्।।
