नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में रेलवे के लिए 2 अक्टूबर का दिन खास रहा। वंदे भारत एक्सप्रेस ने पहली बार दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज अंजी ब्रिज को 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए इसे भारतीय रेलवे के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन की स्पीड 100 किमी/घंटा
इस उपलब्धि के साथ 111 किलोमीटर लंबे श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम अनुमत गति 100 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। इससे पहले इस मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम गति 75 और 85 किमी प्रति घंटा थी। रेलवे के मुताबिक स्पीड बढ़ने से इस पूरे सेक्शन पर ट्रेन संचालन ज्यादा सुगम होगा और यात्रा समय में भी कमी आएगी।
यह रेलखंड उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा है, जो जम्मू क्षेत्र को कश्मीर घाटी से जोड़ता है।
दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है चिनाब
रियासी जिले में बना चिनाब ब्रिज नदी तल से करीब 359 मीटर ऊंचा है। इसकी लंबाई करीब 1.315 किलोमीटर है। इसे दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज माना जाता है। ब्रिज की डिजाइन स्पीड 100 किमी प्रति घंटा रखी गई है।
वहीं, अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है। यह भी USBRL परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जम्मू-श्रीनगर के बीच वंदे भारत सेवा
कश्मीर रेल लिंक का काम पूरा होने के बाद जून 2025 में कटरा और श्रीनगर के बीच वंदे भारत सेवा शुरू हुई थी। अप्रैल 2026 में इस सेवा को जम्मू तवी तक बढ़ाया गया और ट्रेन में कोच की संख्या भी 8 से बढ़ाकर 20 की गई। जम्मू-श्रीनगर के बीच विस्तारित सेवा की नियमित शुरुआत 2 मई 2026 से हुई।
रेलवे नेटवर्क की स्पीड बढ़ाने पर जोर
रेल मंत्रालय के मुताबिक भारतीय रेलवे के करीब 81% नेटवर्क को 110 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की सेक्शनल स्पीड के लिए अपग्रेड किया जा चुका है। 2014 में यह आंकड़ा करीब 40% था। कटरा-बनिहाल सेक्शन की स्पीड बढ़ाना भी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

