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फाइटर प्लेन उड़ाने वाले जाबाज अभिनंदन ने छोड़ी फोर्स, अब उड़ाऐगे यात्री विमान, 60 घंटे पाकिस्तान में रहे थें कैद

नईदिल्ली। भारतीय एयरफोर्स के लड़ाकू विमान उड़ाने वाले जाबांज पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने गोवा की प्राइवेट एयरलाइन फ्लाई-91 जॉइन को कर लिए है। खबरों के मुताबिक उन्होने 31 मार्च 2026 को वायुसेना से रिटायरमेंट ले लिए थें और अब अगस्त में प्राइवेट एयरलाइन जॉइन कर लिए है। लम्बे समय तक भारतीय वायुसेना का फाइटर प्लेन उड़ाने वाले अभिनंदन अब वे कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे।

ऐसे हुआ था बालाकोट एयरस्ट्राइक

ज्ञात हो कि ये वही अभिनंदन है, जो कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान 60 घंटे पाकिस्तान की कैद में रहे है। यह एयरस्ट्राइक तब हुई थी, जब आंतकवादियों ने भारतीय सेना के वाहन पर तब अटैक कर दिया था। जब सेना के जवानों को जत्था जा रहा था। जिसमें सेना के 40 वीर जवान शहीद हो गए थें। इस हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने बालाकोट एयरस्ट्राइक किया और भारतीय लडाकू विमान सरहद पार करके पाकिस्तान के आंतकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिए थे।

60 घंटे पाकिस्तान में अभिनंदन रहे थें कैद

अभिनंदन वायुसेना में एमआईजी-21 फाइटर उड़ाते थे। 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के दौरान उनका विमान मिसाइल की चपेट में आ गया था। जेट से इजेक्ट होकर वे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में उतरे थे। जंहा पाकिस्तानी फौज ने उन्हें पकड़ लिया था। भारत के जबर्दस्त दबाव के चलते करीब 60 घंटे बाद, 1 मार्च 2019 को अटारी बॉर्डर के जरिए उनकी वापसी हुई थी। 2021 में उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

वायुसेना से पूरे परिवार का रिश्ता

ज्ञात हो कि पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन के पूरे परिवार से वायुसेना का गहरा रिश्ता है। उनके पिता एयर मार्शल से रिटार्यड है और उन्हे विशिष्ट सेवा मेडल दिया गया था। उनकी पत्नी तन्वी मरवाह एयरफोर्स में स्क्वाडन लीडर रही है। उनके दादा वायुसेना में पायलटों को टेनिंग देते थें।

मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले से जुड़ी मुख्य बातें

60 घंटे पाकिस्तान में रहने का ऐतिहासिक किस्सा:
27 फरवरी 2019 को बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन, पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की थी। उस समय तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने MiG-21 बाइसन लड़ाकू विमान से पाकिस्तान के आधुनिक F-16 फाइटर जेट को आसमान में मार गिराया था। इस डॉगफाइट के दौरान उनका खुद का विमान भी क्रैश हो गया और वह पैराशूट से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में उतरे, जहां उन्हें पाकिस्तानी सेना ने बंधक बना लिया था। भारत के कड़े कूटनीतिक दबाव के बाद, करीब 60 घंटे (लगभग 3 दिन) हिरासत में बिताने के बाद 1 मार्च 2019 को उन्हें बाघा बॉर्डर के रास्ते सुरक्षित भारत वापस भेजा गया था। उनकी इस असाधारण बहादुरी के लिए उन्हें देश के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था।

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