रीवा। uterine fibroid operation : डॉ निकिता ने महिला की बच्चेदानी से निकाली 15 सेंटीमीटर गठान ,शहर की युवा और दक्ष स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता सेन ने एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए अमरपाटन निवासी 35 वर्षीय महिला अरुणा की जान बचाई है। डॉक्टरों की टीम ने महिला की बच्चेदानी में पाई गई 15 सेंटीमीटर लंबी गठान (यूट्राइन फाइब्रॉइड) को सर्जरी के माध्यम से निकालकर एक बड़ी चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल की है।
दो वर्षों से थी परेशान,छः माह पहले डॉ निकिता ने शुरू किया इलाज़
डॉ. निकिता सेन ने बताया कि करीब छह महीने पहले मरीज उनके पास बच्चेदानी में दर्द और मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत लेकर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मरीज की गर्भाशय में फाइब्रॉइड (गांठ) है, जो पिछले दो-तीन वर्षों से धीरे-धीरे आकार में बढ़ रही थी। समय पर इलाज न मिलने और गलत सलाह के चलते यह 15 सेंटीमीटर तक बड़ी हो गई थी, जिससे मरीज को लगातार असहनीय पीड़ा और कमजोरी का सामना करना पड़ रहा था। डॉ. सेन ने बताया कि पूरी जांच और तैयारी के बाद मरीज को ऑपरेशन की सलाह दी गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सर्जरी की गई और गांठ को सफलतापूर्वक हटाने में सफलता मिली। उन्होंने बताया कि अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और रिकवरी की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है।
महिलाओं को दी स्वस्थ रहने की, और अपने लिए जागरूक रहने की सलाह
महिलाओं में बढ़ते यूट्राइन फाइब्रॉइड के मामलों को लेकर डॉ. निकिता सेन ने चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अनियमित जीवनशैली, हार्मोनल असंतुलन और समय पर जांच न कराना इस समस्या के मुख्य कारण हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि यदि मासिक धर्म में अत्यधिक रक्तस्राव, पेट दर्द या असामान्य सूजन जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। रीवा की गायनकोलॉजिस्ट डॉ. निकिता सेन ने अमरपाटन की 35 वर्षीय महिला की बच्चेदानी से 15 सेंटीमीटर की गठान निकालकर उसकी जान बचाई। जानें ऑपरेशन की पूरी कहानी और डॉक्टर की सलाह। रीवा की डॉ. निकिता सेन की यह सफलता न केवल चिकित्सा जगत के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समय पर जांच और सही इलाज से बड़ी से बड़ी स्त्री रोग संबंधी जटिलता को भी मात दी जा सकती है।
