US Venezuela Tension: US और वेनेजुएला के बीच का तनाव बढ़ता ही जा रहा है. बीते दिन यानी 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में हुए धमाकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेंशन बढ़ा दी है. सोना चांदी और क्रिप्टो में निवेश करने वाले निवेशक इस बात से चिंता में है कि कहीं इस विवाद का असर उनके निवेश पर ना पड़े. गौरतलब है कि, साल 2025 गोल्ड और सिल्वर के लिए काफी अच्छा रहा. क्रिप्टो बाजार में भी साल 2025 में रिकॉर्ड बने. लेकिन अब फिर अनिश्चितता की स्थिति बढ़ती दिखाई दे रही है.
अमेरिका के फैसले से फिर बढ़ेगी अनिश्चितताएं
अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रंप ने साल 2025 में जब टैरिफ नीतियों की घोषणा की थी उस समय भी बाजार में अनिश्चितताएं बढ़ गई थी. जी हां आपको याद होगा सोना चांदी की कीमत बढ़ने के पीछे टैरिफ नीतियां भी जिम्मेदार थी. अब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच के बढ़ती टेंशन भी सोने चांदी के दाम बढ़ा सकती है और क्रिप्टोकरेंसी पर से फिर से निवेशकों का विश्वास डगमगा सकता है.
गोल्ड सिल्वर और क्रिप्टो पर असर?
जब भी बाजार में अनिश्चितताओं की स्थिति बढ़ती है तो उस समय निवेशक सुरक्षित असेट्स यानी गोल्ड सिल्वर कॉपर जैसे मेटल्स की तरफ रुख करते हैं. आपको बता दें कि, शुक्रवार को MCX पर गोल्ड 1,35,752 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,36,599 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था. इसके अलावा COMEX पर सोना $4,341.90 प्रति औंस पर बंद हुआ था वहीं चांदी $72.265 प्रति औंस के स्तर पर क्लोज हुई थी. सोमवार को कीमतों में उछाल की उम्मीद की जा सकती है.
इतना ही नहीं अगर बात क्रिप्टो की करें तो ऐसी स्थिति में क्रिप्टो मार्केट से दूरी बनाई जाती हैं, क्योंकि इसे रिस्की असेट्स माना जाता है. लंबे समय के बाद कल सुबह ही Bitcoin $90000 के पार पहुंचा था, लेकिन अब फिर से वह फिसलकर $88,000 के करीब आ चुका है. बाजार के जानकारों की मानें तो यह टेंशन आगे भी नजर आ सकता है और इसका असर बाजार पर जरूर दिखाई देगा. इसलिए आप जो भी निवेश ट्रेड करें उसे इस बात का ध्यान रखते हुए करें.
ग्लोबल लेवल पर दिखेगा असर
आपको बताएं इस वेनेजुएला और अमेरिका के बीच की स्थिति के वजह से केवल सोना चांदी और क्रिप्टो मार्केट पर ही असर नहीं दिखेगा बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर तेल बाजार और ग्लोबल कूटनीति साझेदारियों पर भी दिख सकता है. साथ ही भारतीय स्टॉक मार्केट पर भी सोमवार को इसका असर देखने को मिल सकता है. वेनेजुएला में 1900 की शुरुआत में ही जब तेल के बड़े भंडार मिले थे उसके बाद से अर्थव्यवस्था पटरी पर आ गई थी. और यह काफी ताकतवर बन गया. इस देश की आय पूरी तरह से तेल पर निर्भर करती है.
