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अमेरिका में पाकिस्तानी PM-आर्मी चीफ पर बैन लगाने की मांग: 44 अमेरिकी सांसदों ने विदेश मंत्री को चिट्ठी लिखी

US Lawmakers Demand Ban on Pakistan PM Army Chief Letter to US Secretary

अमेरिका में पाकिस्तानी PM–आर्मी चीफ पर बैन की मांग, 44 सांसदों की चिट्ठी

किस्तान की सियासत में आग लगाने वाली खबर अमेरिका से आई है! 44 अमेरिकी सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो को चिट्ठी लिखकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है। (US Lawmakers Pakistan Sanctions) वजह? पाकिस्तान में बढ़ती तानाशाही, पत्रकारों पर अत्याचार, 2024 चुनावों में धांधली और इमरान खान जैसे विपक्षी नेताओं की जेल। सांसदों का कहना है कि पाकिस्तान की सेना सरकार को ‘पपेट’ की तरह चला रही है, और अब अमेरिका को कड़ा कदम उठाना चाहिए – वीजा बैन से लेकर एसेट फ्रीज तक। ये चिट्ठी बुधवार को भेजी गई, जो पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन (11 नवंबर 2025) के ठीक बाद आई है, जिसमें मुनीर को न्यूक्लियर हथियारों का कमांडर बनाने की कोशिश हो रही है।

अमेरिकी सांसदों की ये चिट्ठी डेमोक्रेटिक कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल और कांग्रेसमैन ग्रेग कासर की अगुवाई में लिखी गई। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में तानाशाही बढ़ रही है। पत्रकारों को धमकाया जा रहा है, अगवा किया जा रहा है या देश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।” (Pakistan Dictatorship Allegations) चिट्ठी में साफ लिखा है कि पाकिस्तान की मिलिट्री सरकार पर कंट्रोल कर रही है, नागरिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है, और विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी-अमेरिकियों को भी धमकियां मिल रही हैं। उदाहरण? पत्रकार अहमद नूरानी के भाईयों को उनकी मिलिट्री करप्शन रिपोर्टिंग के बाद अगवा कर लिया गया – एक महीने से ज्यादा बंद रहे। इसी तरह, म्यूजिशियन सलमान अहमद के जीजा को अगवा किया गया, लेकिन अमेरिकी दखल से रिहा हुए। विपक्षी नेता बिना आरोप के जेल में सड़ रहे हैं, सोशल मीडिया पोस्ट पर गिरफ्तारियां हो रही हैं, और बालोचिस्तान में अल्पसंख्यकों-महिलाओं पर अत्याचार चरम पर। सांसदों ने मांग की – इमरान खान और अन्य राजनीतिक कैदियों को रिहा करो!

बैन की मांग की मुख्य वजहें: क्या-क्या इल्जाम? (Reasons for Sanctions Demand)ये मांग कोई अचानक नहीं – पाकिस्तान की सियासी सड़ांध सालों से फैल रही है। यहां स्टेप बाय स्टेप जानें मुख्य पॉइंट्स:

  1. 2024 चुनाव धांधली: स्वतंत्र ‘पैटन रिपोर्ट’ और अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने फ्रॉड की पुष्टि की। कहा गया, “भयंकर धांधली हुई थी, पूरी जांच होनी चाहिए।” नतीजा? सेना का कंट्रोल्ड ‘पपेट गवर्नमेंट’।
  2. मिलिट्री कोर्ट्स का दुरुपयोग: सिविलियन केस आर्मी कोर्ट्स में – जनरलों के अपराधों पर पर्दा। सांसदों ने कहा, “नागरिकों की कानूनी आजादी कमजोर हो रही है।”
  3. पाकिस्तानी-अमेरिकियों पर धमकी: विदेश में रहने वालों को सरकार के खिलाफ बोलने पर रिश्तेदारों को टारगेट। उदाहरण – ऊपर बताए केस।
  4. 27वां संशोधन का ड्रामा: 12 नवंबर 2025 को पास – मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाना, न्यूक्लियर कमांड के साथ। लेकिन शहबाज ने 29 नवंबर तक साइन नहीं किया – क्यों? शायद अमेरिकी प्रेशर!
  5. इमरान खान का केस: 2 दिसंबर 2025 को परिवार ने 27 दिनों बाद जेल में मिला। मौत की अफवाहों से रावलपिंडी-इस्लामाबाद में हाई अलर्ट, प्रोटेस्ट्स। खान की बहन अलीमा खानम ने कहा, “मुनीर रैडिकल है, जो गैर-मुस्लिमों के खिलाफ लड़ता है। इमरान ने भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश की।”

संभावित सैंक्शन्स: क्या होगा असर? (Potential US Sanctions)अगर अमेरिका मान गया, तो:

सांसदों ने कहा, “ये कदम अमेरिका की ह्यूमन राइट्स पर जवाबदेही दिखाएंगे, पाकिस्तानी-अमेरिकियों को बचाएंगे और रीजनल स्टेबिलिटी बढ़ाएंगे।” (US Human Rights Accountability)

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