US Congress Greenland Merger Bill: अमेरिकी कांग्रेस में एक नया विधेयक पेश किया गया है, जिसमें ग्रीनलैंड (Greenland) को संयुक्त राज्य अमेरिका में शामिल करने या उसके साथ पूर्ण विलय करने का प्रस्ताव है। यह Greenland Annexation Act of 2026 बिल रिपब्लिकन सांसदों द्वारा लाया गया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की पुरानी इच्छा को कानूनी रूप देने की कोशिश है। बिल में ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने या उसके साथ टेरिटरी के रूप में जोड़ने का प्रावधान है।
विधेयक में क्या है?
- थुले एयर बेस (Thule Air Base) को और मजबूत करने का प्रावधान।
- बिल का नाम: Greenland Annexation Act of 2026
मुख्य प्रावधान
- ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र या राज्य के रूप में शामिल करना।
- डेनमार्क को मुआवजा देने का प्रस्ताव
- ग्रीनलैंड की जनता से रेफरेंडम करवाने की बात, लेकिन अमेरिकी हितों को प्राथमिकता।
ट्रंप ने पहले कई बार ग्रीनलैंड खरीदने या कंट्रोल करने की बात की थी। उन्होंने कहा था कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) और आर्कटिक (Arctic) में रूस-चीन की गतिविधियों से बचाव के लिए जरूरी है।
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन (Mette Frederiksen) ने विधेयक को “पूरी तरह अस्वीकार्य” और “साम्राज्यवादी सोच” बताया। उन्होंने कहा:
“ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और रहेगा। यह बिकाऊ नहीं है। अमेरिका का यह कदम NATO (NATO) गठबंधन को खतरे में डाल सकता है।”ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन (Jens-Frederik Nielsen) ने भी बयान दिया:
“हमारा देश किसी की संपत्ति नहीं है। ग्रीनलैंड के लोग खुद अपना भविष्य तय करेंगे।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- रूस (Russia) और चीन (China) ने अमेरिका की इस कोशिश को “साम्राज्यवादी” और “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया।
- यूरोपीय यूनियन (EU) ने चिंता जताई और कहा कि यह संप्रभुता का उल्लंघन है।
- भारत ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन विदेश मंत्रालय सूत्रों ने कहा कि भारत संप्रभुता और आत्मनिर्णय का सम्मान करता है।
यह विधेयक अभी शुरुआती चरण में है। कांग्रेस में बहस और वोटिंग बाकी है। ट्रंप प्रशासन इसे तेजी से आगे बढ़ाना चाहता है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड की जनता ने इसका विरोध किया है। अब देखना होगा कि यह बिल आगे बढ़ता है या अंतरराष्ट्रीय दबाव से रुक जाता है। क्या ग्रीनलैंड अमेरिका का हिस्सा बनेगा? यह सवाल दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है।

