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UPSC के 100 साल पूरे, PM मोदी बोले- ‘नेशन फर्स्ट और सिटीजन फर्स्ट’ हो प्राथमिकता

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नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC ने 100 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की और UPSC के 100 साल के सफर पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।

UPSC की शुरुआत 1 अक्टूबर 1926 को लोक सेवा आयोग के रूप में हुई थी। संविधान लागू होने के बाद 1950 में इसे संवैधानिक संस्था का दर्जा मिला। संविधान के अनुच्छेद 315 में संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग का प्रावधान है।

PM मोदी बोले- नेशन फर्स्ट और सिटीजन फर्स्ट

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि UPSC से जुड़ने वाले युवाओं के सामने दो महत्वपूर्ण कसौटियां होनी चाहिए—‘नेशन फर्स्ट’ और ‘सिटीजन फर्स्ट’। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था का केंद्र देश का नागरिक होना चाहिए।

पीएम ने कहा कि 21वीं सदी का भारत नई कार्य संस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है। इसका आधार प्रो पीपल, प्रो एक्टिव और गुड गवर्नेंस है।

सुभाष चंद्र बोस का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने UPSC की ऐतिहासिक यात्रा का जिक्र करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण दिया। उन्होंने कार्यक्रम में लगी प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि सुभाष चंद्र बोस भी इसी परीक्षा प्रक्रिया से गुजरे थे।

पीएम मोदी ने कहा कि UPSC पर देश के लाखों युवाओं और नागरिकों का भरोसा है। उन्होंने इसे युवाओं की आकांक्षाओं और देश की सेवा से जुड़ी संस्था बताया।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत

प्रधानमंत्री ने UPSC और राज्य लोक सेवा आयोगों से अपनी क्षमता बढ़ाने और परीक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयोगों से देश के युवाओं का भविष्य जुड़ा हुआ है।

पीएम ने कहा कि परीक्षा को केवल एक कार्यक्रम की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि इसमें देरी का सीधा असर अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ता है। परीक्षा व्यवस्था को समयबद्ध और भरोसेमंद बनाने के लिए जरूरी सुधार लगातार किए जाने चाहिए।

दो दिन चला शताब्दी समारोह

UPSC का शताब्दी समारोह 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को आयोजित किया गया। पहले दिन ‘शताब्दी समारोह-मंथन’ के तहत लोक सेवा और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था समेत कई विषयों पर चर्चा हुई। इसमें विभिन्न राज्यों के लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष, सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और UPSC के अधिकारी शामिल हुए।

समारोह में UPSC की 100 साल की यात्रा और सार्वजनिक सेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने ‘100 Landmark Judgements- Shaping the Policies of UPSC and Public Service Commissions in India’ नाम की पुस्तक भी जारी की।

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