Uproar over widening of Amhiya Marg Rewa: रीवा शहर के व्यस्ततम अमहिया मार्ग के चौड़ीकरण की योजना को लेकर स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए किए जा रहे सीमांकन और तोड़फोड़ की कार्रवाई का व्यापारियों ने पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि बिना किसी ठोस विस्थापन नीति के उनके रोजगार को उजाड़ना न्यायसंगत नहीं है।
“संपत्ति कर देते हैं, तो अतिक्रमण कैसे?” – व्यापारियों का सवाल
विरोध कर रहे दुकानदारों का तर्क है कि उनके पास ज़मीन के वैध पट्टे मौजूद हैं और वे वर्षों से नगर निगम को विधिवत संपत्ति कर (Property Tax) जमा करते आ रहे हैं। व्यापारियों ने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि प्रशासन उनके निर्माण को ‘अतिक्रमण’ की श्रेणी में कैसे रख सकता है, क्योंकि संपत्ति कर हमेशा निजी स्वामित्व वाली संपत्ति पर लिया जाता है, न कि किसी अवैध अतिक्रमण पर। व्यापारियों के अनुसार, उन्हें अपराधी की तरह पेश कर उनकी दुकानों पर बुलडोजर चलाना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।
विस्थापन और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
व्यापारियों की मुख्य मांग है कि प्रशासन चौड़ीकरण की कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास और विस्थापन की उचित व्यवस्था करे। उनका कहना है कि दशकों से इन दुकानों से उनके परिवार का पालन-पोषण हो रहा है, और अचानक की जा रही इस कार्रवाई से उनका व्यवसाय पूरी तरह ठप हो जाएगा।
दहशत और असंतोष के बीच शुरू हुई कार्रवाई
नगर निगम और पुलिस प्रशासन की सख्ती को देखते हुए कुछ दुकानदारों ने संभावित नुकसान से बचने के लिए स्वयं ही चिन्हित हिस्सों से अपना निर्माण हटाना शुरू कर दिया है। हालांकि, बाजार के बड़े हिस्से में भारी असंतोष व्याप्त है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें बिना वैकल्पिक स्थान दिए उजाड़ा गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। फिलहाल, अमहिया क्षेत्र में भारी पुलिस बल और नगर निगम की टीमें तैनात हैं और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

