Site icon SHABD SANCHI

रीवा नवीन जिला न्यायालय में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने ट्रैफिक पुलिस को खदेड़ा, जिला जज पर लगाया भेदभाव का आरोप

Uproar in Rewa New District Court

Uproar in Rewa New District Court

Uproar in Rewa New District Court: रीवा के आधुनिक नवीन जिला न्यायालय परिसर में आज भारी हंगामा मच गया, जब आक्रोशित अधिवक्ताओं ने ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी को घेरकर उन्हें परिसर से बाहर खदेड़ दिया। घटना तब हुई जब ट्रैफिक पुलिस पार्किंग व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से कोर्ट परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की, जबकि पिछले तीन महीनों से अधिवक्ताओं के वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, कोर्ट परिसर के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं। सर्विस बिल्डिंग की बिजली काट दी गई है, चाय-नाश्ते की व्यवस्था पूरी तरह रोक दी गई है। अधिवक्ताओं को अपनी गाड़ियां बाहर पार्क करके लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर अदालत पहुंचना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर जजों की गाड़ियां, पुलिस वाहन, पटवारी और अन्य कर्मचारियों के वाहन बिना किसी रोक-टोक के अंदर प्रवेश कर रहे हैं।इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था से पहले से ही आक्रोशित वकीलों का गुस्सा तब फूट पड़ा जब ट्रैफिक पुलिस ने साइलेंट जोन होने के बावजूद माइक से अनाउंसमेंट करते हुए चालान की धमकी दी। गौरतलब है कि उस समय परिसर में कोई अधिवक्ता की गाड़ी मौजूद नहीं थी।

आक्रोशित अधिवक्ताओं ने ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी को घेर लिया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पुलिसकर्मियों को अपना वाहन छोड़कर भागना पड़ा। बाद में मौके पर पहुंची विश्वविद्यालय थाना पुलिस को भी कोर्ट परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इस दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी की और डिस्ट्रिक्ट जज के खिलाफ आवाज बुलंद की।अधिवक्ताओं का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से जिला जज द्वारा लगातार भेदभाव किया जा रहा है। शुरू में बम धमकी (जो 8 जनवरी 2026 को मिली थी) के नाम पर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई थी, लेकिन अब इसे स्थायी रूप देकर अधिवक्ताओं को अपमानित किया जा रहा है। वकीलों का कहना है कि यह व्यवस्था उनके सम्मान के खिलाफ है और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल रही है।


घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें अधिवक्ताओं का गुस्सा और पुलिस के पीछे हटने का सीन साफ दिख रहा है। स्थानीय लोगों और बार एसोसिएशन के सदस्यों ने इस व्यवस्था की कड़ी निंदा की है।अभी तक जिला प्रशासन या जिला जज की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और कल बड़े प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही है। यह घटना न्यायिक परिसर में बढ़ते तनाव और वकीलों की मांगों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चर्चा की जरूरत को रेखांकित करती है।

Exit mobile version