UPI digital payment। आज डिजिटल पेमेंट की पकड़ इतनी मजबूत हो रही है कि चाय गोमटी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल्स और हवाई सफर तक, हर जगह यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI digital payment का ईस्तेमाल होने लगा है। भारत के इस स्वदेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम ने अब एक नया और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए मई 2026 में सबसे ज्यादा को पेमेंट का रिकार्ड बनाया है। मई के महीने में कुल 23.2 बिलियन (2,320 करोड़) बार यूपीआई से पेमेंट किया गया, जिनकी कुल कीमत 29.90 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
मई में प्रतिदिन औसतन 748 मिलियन ट्रांजैक्शन
एनपीसीआई ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि मई 2026 के दौरान UPI digital payment के माध्यम से कुल 29.90 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन हुए, जो कि पिछले साल की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। इससे साफ है कि देश में न केवल यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़ रही है, बल्कि बड़े मूल्य के लेनदेन भी तेजी से डिजिटल माध्यमों से किए जा रहे हैं। एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, मई में प्रतिदिन औसतन 748 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए। वहीं, रोजाना औसतन 96,465 करोड़ रुपए का भुगतान यूपीआई प्लेटफॉर्म के जरिए किया गया।
आईपीएल से लेकर गर्मी की छुट्टियों तक
यूपीआई का मई महीने में रिकांर्ड पेमेंट होने की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि इस महीने आईपीएल से लेकर गर्मी की छुट्टियों तथा मई के शुरूआती महीने में बम्फर विवाह आयोजन होने के साथ ही हर छोटे-बड़े खर्च के लिए लोगो ने ज्याद-से-ज्यादा डिजिटल पेमेंट को अपनाया है और मई महीने में यूपीआई डिजिटल रिकार्ड तोड़ लेने देने किए है।
अर्थव्यवस्था के विस्तार का प्रतीक
भारत में डिजिटल लेनदेन की यह रफ्तार महज़ एक तकनीकी कामयाबी नहीं है, बल्कि यह देश की औपचारिक अर्थव्यवस्था के तेज विस्तार का प्रतीक है। हर जगह पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल इस बात का पुख्ता सुबूत है कि नकदी पर हमारी निर्भरता लगातार कम हो रही है। क्रेडिट-ऑन-यूपीआई और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के साथ, भारत की यह डिजिटल पेमेंट क्रांति आने वाले दिनों में नए आर्थिक कीर्तिमान स्थापित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

