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पैसा तैयार रखिए! आने वाले हैं 34 IPO, कंपनियां जुटाएंगी 45 हजार करोड़ रुपये

Upcoming IPO Indian Share Market News Hindi: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए आने वाले महीने काफी अहम हो सकते हैं। कई कंपनियां अपना IPO यानी Initial Public Offering लाने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 34 कंपनियां 30 सितंबर तक अपना IPO लॉन्च कर सकती हैं। इन कंपनियों का लक्ष्य शेयर बाजार के जरिए कुल करीब 45 हजार करोड़ रुपये जुटाना है।

ऐसे में अगर आप भी IPO में निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं तो आने वाले दिनों में आपको कई बड़े मौके मिल सकते हैं। हालांकि किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी का बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन, वित्तीय स्थिति और जोखिम जरूर समझना जरूरी है।

34 कंपनियां जुटाने वाली हैं 45 हजार करोड़

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 34 कंपनियां IPO लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इन कंपनियों का कुल फंड जुटाने का लक्ष्य करीब 45 हजार करोड़ रुपये है।

इनमें कुछ कंपनियों के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को बाजार नियामक सेबी (SEBI) की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, इन कंपनियों के लिए IPO लॉन्च करने की एक समय सीमा भी महत्वपूर्ण है।

दरअसल, कई कंपनियों की नियामकीय मंजूरी की वैधता 30 सितंबर 2026 तक खत्म होने वाली है। अगर कंपनियां इस समय सीमा के भीतर IPO नहीं ला पाती हैं, तो उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय या नई मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है।

30 सितंबर क्यों है अहम?

सेबी (SEBI) ने अप्रैल में उन कंपनियों को राहत दी थी, जिनके ऑब्जर्वेशन लेटर की वैधता 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच खत्म हो रही थी। ऐसी कंपनियों को 30 सितंबर तक IPO लाने की अनुमति मिली है।

यही वजह है कि बड़ी संख्या में कंपनियां सितंबर की डेडलाइन से पहले बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं।

प्राइम डेटाबेस (Prime Database) के आंकड़ों के मुताबिक, क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज, डॉर्फ-केटल केमिकल्स इंडिया, कंटीन्यूम ग्रीन एनर्जी, वेरिटास फाइनेंस, प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स और इनोवेटिव्यू इंडिया जैसी कंपनियां इस सूची में शामिल हैं।

सिर्फ 35 वर्किंग डेज का समय

10 अगस्त से 30 सितंबर के बीच कुल 52 दिन हैं। लेकिन साप्ताहिक छुट्टियों और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी जैसी छुट्टियों को निकालने के बाद कंपनियों के पास वास्तव में करीब 35 वर्किंग डेज ही बचते हैं।

यानी कंपनियों, निवेश बैंकों और बाकी संबंधित संस्थाओं के पास IPO की पूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए काफी सीमित समय है।

इसी वजह से सितंबर में IPO मार्केट में काफी हलचल देखने को मिल सकती है।

किन कंपनियों के IPO आने की तैयारी?

रिपोर्ट के मुताबिक, कई कंपनियां 30 सितंबर से पहले IPO लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इनमें करमतारा इंजीनियरिंग, इमेजिन मार्केटिंग, मौरी टेक, रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स, ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, लुमिनो इंडस्ट्रीज, रनवाल एंटरप्राइजेज, राइट वाटर सॉल्यूशंस, एलसीसी प्रोजेक्ट्स, प्रोजील ग्रीन एनर्जी और ए वन स्टील्स इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं।

हालांकि, किसी कंपनी का IPO सेबी से मंजूर होना या लॉन्च की तैयारी करना इस बात की गारंटी नहीं है कि उसका IPO निवेशकों को अच्छा रिटर्न देगा। IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वैल्यूएशन और वित्तीय आंकड़ों की जांच करना जरूरी है।

IPO मार्केट में आगे भी आएंगे बड़े मौके

30 सितंबर की डेडलाइन के बाद भी IPO मार्केट में कंपनियों की लंबी कतार बनी हुई है। प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, सेबी से मंजूरी हासिल कर चुकी 133 अन्य कंपनियां जुलाई 2027 के अंत तक IPO के जरिए सामूहिक रूप से 2.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की योजना बना रही हैं।

इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में निवेशकों को लगातार नए IPO देखने को मिल सकते हैं।

हालांकि, IPO में निवेश को लेकर उत्साह के साथ सावधानी भी जरूरी है। बाजार की स्थिति, कंपनी का वैल्यूएशन, प्रमोटर्स की हिस्सेदारी, कर्ज, मुनाफा, भविष्य की ग्रोथ और IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल किस काम में होगा—इन सभी बातों को देखकर ही निवेश का फैसला करना बेहतर होता है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

अगर आप IPO में निवेश करते हैं तो सितंबर आपके लिए काफी व्यस्त महीना हो सकता है। एक साथ कई कंपनियों के IPO आने से निवेशकों के पास विकल्प बढ़ेंगे, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि हर IPO में पैसा लगाना जरूरी नहीं है।

45 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रहीं 34 कंपनियों में से कौन-सी कंपनी निवेश के लिहाज से बेहतर है, यह उसकी वैल्यूएशन और बिजनेस की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा।

इसलिए सिर्फ बड़े IPO या चर्चित कंपनी देखकर निवेश करने के बजाय उसके DRHP, वित्तीय नतीजों और जोखिमों को समझना जरूरी होगा।

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