सीहोर। जल संकट को लेकर एमपी के सीहोर जिले के ग्रामीण का अनोखा प्रदर्शन सामने आया है। ग्राम बिशन खेड़ी के ग्रामीण आवेदनों की पूछ बनाकर अजगर की तरह लोटते हुए कमिश्नर कार्यालय भोपाल तक पहुंचा और बताया कि कमिश्नर महोदय सीहोर में 2 महीने से जल संकट व्याप्त है। वह लगातार शासन-प्रशासन को आवेदन देकर जल संकट से अवगत करा रहा है, लेकिन हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। जल संकट को दूर करने की बजाए उल्टा हम ग्रामीणों को डराया धमकाया जा रहा है और हमारे खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। हमारे घर मकान को तोड़ने की धमकी दी जा रही है। जिससे आज दुखी मजबूर होकर हम ग्रामीण तमाम आवेदनों की दरकाशों की पूछ बनाकर अजगर की तरह लोटते हुए भोपाल कमिश्नर ऑफिस पहुंचे है।
ज्ञात हो कि ग्रामाीणो के द्वारा जो अब तक आवेदन दिए गए थे तथा तमाम जो खबरें प्रसारित हुई थी उनका बैनर पोस्टर बनाकर ग्रामीण न सिर्फ कपड़े की तरह पहने हुए थें बल्कि आवेदन पत्रों की पूछ बनाकर उसे पीछे लटका कर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाए है। उन्होने पंचायत में किए जा रहें भ्रष्टाचार, जल संकट समेत अन्य समस्या से भोपाल में प्रशासन को अवगत कराए है।
बढ़ने लगा जल संकट
ज्ञात हो कि एमपी के ग्रामीण क्षेत्रों में मार्च-अप्रैल माह में जल संकट शुरू हो गया है। हजारों ऐसे गांव है जहां बोरबेल में पानी आना बंद हो गए है। अगर पानी आ भी रहा है तो पर्याप्त नही है। ग्रामीण बार-बार बोरबेल चलाकर अपना गुजारा कर रहे है। ग्रामीणों को चिंता सता रही है कि आगामी माह में भीषण गर्मी पड़ेगी और ऐसे में जल संकट और ज्यादा बढ़़ सकता है। एक तरह जल संकट बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ परेशान ग्रामीण अधिकारियों की चौखट पर मारे-मारे फिर रहे है। उनकी सुनवाई न होने के चलते आवेदन पर आवेदन देकर हाफ रहे है।