Union Budget 2026-27 की तैयारी इस बार एक अलग ही स्थिति में हो रही है। इस बार फाइनेंस मंत्रालय में इस समय कोई औपचारिक फाइनेंस सेक्रेटरी मौजूद नहीं है और बजट प्रक्रिया की जिम्मेदारी एक नई बदली हुई टीम के हाथों में दी गई है। यह स्थिति बजट निर्माण को लेकर कई प्रकार के जरूरी सवाल भी खड़े कर रही है।
Union Budget 2026-27 और Finance Secretary की अनुपस्थिति
आमतौर पर यूनियन बजट जैसे बड़े इकोनॉमिकल डॉक्यूमेंट की तैयारी फाइनेंस सेक्रेटरी की भूमिका में बेहद जरूरी मानी जाती है। फाइनेंस सेक्रेटरी अलग-अलग विभागों के बीच जुड़ाव करने का काम करते हैं लेकिन इस बार रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पोस्ट खाली है। ऐसे में बजट से जुड़ी जिम्मेदारियां विभिन्न सचिव और बड़े वरिष्ठ अधिकारियों में बटी हुई है।
वित्त मंत्रालय में नई टीम की भूमिका
Union Budget 2026-27 की प्रक्रिया इस बार वित्त मंत्रालय की टीमों के लिए काफी हद तक नई होने वाली है। कहीं बड़े-बड़े अधिकारी हाल ही के महीना में अपने-अपने पदों पर नियुक्त हुए हैं।
हालांकि कुछ अनुभव भी चेहरे भी टीम में मौजूद है लेकिन कुल मिलाकर बजट तैयार करने वाली टीम में निरंतर की कमी देखी जा रही है। हालांकि यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
नीति निर्माण पर क्या पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार यूनियन बजट 2026- 27 पर इस नई व्यवस्था का असर देखने को मिल सकता है। नई टीम अपने नई सोच और नई सुझाव के साथ आगे बढ़ सकती है लेकिन अनुभव की कमी होने के कारण यह एक चुनौती भी हो सकता है। ऐसे में फाइनेंस मिनिस्टर की भूमिका और अधिक जरूरी हो जाती है।

आर्थिक हालात और बजट की प्राथमिकताएं
वैश्विक आर्थिक बदलाव और घरेलू वित्तीय दबाव के बीच यूनियन बजट 2026- 27 से संतुलित फैसले की उम्मीद की जा रही है सरकार के सामने विकास और अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखना एक कड़ी चुनौती होने वाली है ऐसे में नई टीम को इन्हीं स्थिति में एक ठोस और व्यावहारिक बजट को बनाना होगा।
प्रशासनिक बदलाव के बीच बजट की परीक्षा
कुल मिलाकर Union Budget 2026-27 एक प्रकार का प्रशासनिक बदलाव होने वाला है।Finance Secretary की अनुपस्थिति में और नई टीम के मौजूद होने से इस बार के बजट पर लोगों की नजर अलग से है। अब सभी की नजर इस बात पर होने वाली है कि यह नई व्यवस्था देश के आर्थिक जरूरत को कितनी मजबूती दे पाती है और इस बार का बजट कितना प्रभावी होता है।
