भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता यानि की यूसीसी जल्द लागू होगी। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी को लेकर समिति बना दी गई है। यह समिति धार्मिक लोगों से राय ले रही है। मध्यप्रदेश में यूसीसी को लागू किया जाएगा। क्योंकि, आज धार्मिक-सामाजिक-पारिवारिक रूप से भिन्न-भिन्न मतों की आवश्यकता नहीं है। आज जरूरत यूसीसी की ओर बढ़ने की है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं चाहता हूं कि जनता भी वेबसाइट पर अपने सुझाव जरूर साझा करे।
सीएम ने कहा एक समानता लाना जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश में राज्य सरकार द्वारा लागू जा रही है। हमारे राज्य में चाहे बहनों के तलाक के मामले हों, चाहे पारिवारिक परंपराएं हों, चाहे भिन्न-भिन्न धार्मिक मामले हों, आज वैधानिक और सामाजिक रूप से इनमें भिन्नता की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में हमें समान नागरिक संहिता की ओर बढ़ने की जरूरत है। अभी तीन राज्यों उत्तराखंड-गुजरात और असम ने इसको अपनाया है। हम भी राज्य में यूसीसी लागू करेंगे।
यूसीसी के अनुकूल राज्य है एमपी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में अलग-अलग विद्वानों को मिलाकर समिति भी बना दी गई है। यह समिति विभिन्न जिलों में जाकर सभी धर्मों के लोगों से सुझाव ले रही है। उनकी रिपोर्ट का संकलन करने के बाद हम चाहेंगे कि जल्दी से जल्दी समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश में लागू हो जाए। राज्य की भी इच्छा है कि इसे लागू होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार जन-कल्याणकारी कामों को लगातार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उन अनुकूल राज्यों में से एक है जहां यूसीसी लागू होना चाहिए। यूसीसी को लेकर वेबसाइट भी लॉन्च की गई है। मैं जनता से अपील करता हूं कि वह अपने सुझाव जरूर दे।

