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दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद बेल क्यों मिली?

Umar Khalid Got Bail: दिल्ली दंगा साजिश केस (Delhi Riots Conspiracy Case) में लंबे समय से जेल में बंद आरोपी उमर खालिद (Umar Khalid) को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उमर को 3 दिन की अंतरिम जमानत (Umar Khalid Interim Bail) मंजूर की है। यह राहत उसकी मां के इलाज और सर्जरी के मद्देनजर दी गई है।

कोर्ट के आदेश के मुताबिक उमर खालिद 1 जून सुबह 7 बजे से 3 जून शाम 5 बजे तक जेल से बाहर रह सकेगा । हालांकि अदालत ने इस दौरान उसके मूवमेंट पर सख्त शर्तें भी लगाई हैं।

उमर खालिद पिछले करीब 7 साल से दिल्ली दंगों की साजिश (Delhi Violence Conspiracy) मामले में जेल में बंद है। उस पर UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) समेत कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज है।

मां की सर्जरी और मामा के चेहलुम का हवाला

उमर खालिद ने हाईकोर्ट में 15 दिन की अंतरिम जमानत की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। उसने अदालत को बताया था कि उनकी 62 वर्षीय मां की 2 जून को लंप एक्सिशन सर्जरी (Lump Excision Surgery) होनी है और वह उनके साथ रहना चाहता है।

इसके अलावा उसने अपने दिवंगत मामा के चेहलुम में शामिल होने की अनुमति भी मांगी थी। हालांकि अदालत ने सीमित राहत देते हुए सिर्फ 3 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर की।

कोर्ट बोला- मानवीय आधार पर दी गई राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उमर खालिद को पहले भी पारिवारिक कारणों से अंतरिम जमानत मिल चुकी है और उन्होंने हर बार अदालत की शर्तों का पालन किया है।

कोर्ट ने माना कि उमर इस मामले के प्रमुख आरोपियों (Main Conspirators) में शामिल हैं, लेकिन उनकी मां की मेडिकल स्थिति को देखते हुए अदालत ने सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण (Compassionate Approach) अपनाया है।

कोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें

हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत के दौरान कई सख्त शर्तें लगाई हैं:

7 साल में कई बार खारिज हुई जमानत याचिकाएं

उमर खालिद की नियमित जमानत (Regular Bail) के लिए निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कई बार कोशिशें हो चुकी हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्थायी राहत नहीं मिली है।

ट्रायल कोर्ट में

दिल्ली हाईकोर्ट में

सुप्रीम कोर्ट में

पहले भी मिल चुकी है अंतरिम जमानत

हालांकि नियमित जमानत नहीं मिली, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में अदालत ने मानवीय आधार पर उमर खालिद को कुछ मौकों पर अंतरिम जमानत दी है।

क्या है दिल्ली दंगा साजिश मामला?

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली (North East Delhi Riots) में भड़की हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोप लगाया था कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA Protest) के विरोध के दौरान सुनियोजित साजिश के तहत दंगे भड़काए गए। इसी मामले में उमर खालिद समेत कई एक्टिविस्ट, छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था।

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