Umang Singhar’s Controversial Statement on Lord Hanuman: मध्य प्रदेश के पूर्व वन मंत्री तथा धार जिले के गंधवानी से कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने एक बार फिर भगवान हनुमान को आदिवासी बताया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम को लंका तक पहुँचाने वाले आदिवासी ही थे, जिन्हें बाद में वानर (बंदर) के रूप में चित्रित कर दिया गया।
Umang Singhar’s Controversial Statement on Lord Hanuman: मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने एक बार फिर भगवान हनुमान को आदिवासी बताते हुए विवादास्पद बयान दिया है। बड़वानी जिले के सेंधवा में गुरुवार को आयोजित एक आदिवासी कार्यक्रम में बोलते हुए सिंघार ने कहा कि भगवान राम की वानर सेना आदिवासी थी और राम की जीत में आदिवासियों का महत्वपूर्ण योगदान था।
आदिवासियों की अलग संस्कृति पर जोर
उमंग सिंघार ने कहा, “बीजेपी और आरएसएस हमेशा आदिवासियों को हिंदू बनाने की बात करती है, लेकिन आदिवासियों की अपनी अलग संस्कृति, रीति-रिवाज और पहचान है।” उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी सूरज, गाय और फसल की पूजा करते हैं। “जो हिंदुस्तान में रहता है, वह हिंदुस्तानी है, लेकिन साथ ही हम आदिवासी भी हैं। हम कमजोर नहीं हैं, हमारे पास परंपरा, पहचान और आत्मसम्मान के साथ तीर-कमान की ताकत भी है।” सिंघार ने स्पष्ट किया कि आदिवासी संस्कृति और रीति-रिवाजों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा आदिवासी सम्मान से समझौता नहीं करेंगे।
राम की जीत आदिवासियों के कारण, मोदी पर तंज
उन्होंने कहा, “भगवान राम को जो जीत मिली, वह आदिवासियों के कारण मिली थी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सिंघार ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी हनुमान जी की पतंग उड़ा रहे हैं, यानी आदिवासियों को उड़ा रहे हैं।”
पहले भी दिए ऐसे बयान
यह पहली बार नहीं है जब उमंग सिंघार ने ऐसा बयान दिया है। जून 2023 में धार जिले के बाग में जननायक भगवान बिरसा मुंडा की 123वीं पुण्यतिथि पर उन्होंने कहा था कि भगवान राम को लंका तक पहुंचाने वाले आदिवासी थे, लेकिन कहानीकारों ने उन्हें वानर बता दिया। उन्होंने तब भी हनुमान जी को आदिवासी बताया था।
