Ujjain Exam Scam: उज्जैन के विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में एक चौंकाने वाला परीक्षा घोटाला सामने आया है, जिसमें JEE पास आउट इंजीनियरिंग की बीटेक छात्रा विशाखा माहेश्वरी ₹3000 लेकर दूसरी छात्रा सपना भदौरिया की जगह बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा देने पकड़ी गई। मंगलवार को अपना खुद का बीटेक का पेपर होने के बावजूद विशाखा सोमवार को प्रॉक्सी सॉल्वर बनकर परीक्षा हॉल में पहुंची और पूछताछ में पहले तो फ्रेंड की बहन की जगह आई होने का बहाना बनाया, लेकिन बाद में सच्चाई सामने आ गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले भी कई बार ऐसी धोखाधड़ी कर चुकी थी और इस बार भूमि काकड़े ने उसे दो किस्तों में 3000 रुपये दिए थे।
Ujjain Exam Scam: उज्जैन के विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में सोमवार 4 मई को बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान एक बड़ी धोखाधड़ी (Exam Cheating Scandal) सामने आई है। जांच में पता चला कि परीक्षा देने वाली छात्रा असल में उज्जैन के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रही है और JEE जैसी कठिन परीक्षा पास करने वाली मेधावी छात्रा है।
असली छात्रा की जगह परीक्षा देने पहुंची विशाखा
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की संयुक्त पूछताछ में युवती की असली पहचान विशाखा माहेश्वरी के रूप में सामने आई। वह इंदौर निवासी है और उज्जैन के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (Government Engineering College) में बीटेक की छात्रा है। हैरानी की बात यह है कि मंगलवार को उसका खुद का बीटेक का पेपर था, लेकिन उसने एक दिन पहले ही किसी और की जगह परीक्षा देने की कोशिश की।
“दोस्त की बहन की जगह आई हूं” – बाद में बदला बयान
शुरुआती पूछताछ में युवती ने खुद को प्रिशा साहू बताया और दावा किया कि वह इंदौर के एक प्राइवेट कॉलेज की छात्रा है तथा दोस्त की बहन की जगह परीक्षा देने आई थी। हालांकि, पुलिस की सख्ती के बाद उसने अपना असली नाम और कॉलेज बताते हुए (Impersonation Racket) की पोल खोल दी। विश्वविद्यालय के वाघ देवी भवन में चल रही परीक्षा के दौरान एनएसयूआई नेता तरुण परिहार की शिकायत पर सतर्कता बरती गई। फोटो मिलान कराने पर साफ हो गया कि परीक्षा हॉल में बैठी छात्रा असली सपना भदौरिया नहीं थी। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक कक्ष में उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। कुलगुरु अर्पण भारद्वाज भी मौके पर पहुंचे और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
3000 रुपये में तय हुआ सौदा
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि सपना भदौरिया ने विशाखा को बताया था कि वह पहले भी तीन बार दूसरों से परीक्षा दिलवा चुकी है और कभी पकड़ी नहीं गई। इसके बाद विशाखा तैयार हो गई। भूमि काकड़े नाम की एक अन्य युवती ने विशाखा को दो किस्तों में कुल 3000 रुपये (Exam Proxy Money) दिए। पहले 1000 और बाद में 2000 रुपये दिए गए।
संगठित गिरोह की जांच में जुटी पुलिस
माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि विशाखा माहेश्वरी, सपना भदौरिया और ऋषभ नामक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को आशंका है कि यह एक बड़े (Organized Cheating Network) का हिस्सा हो सकता है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले अन्य परीक्षाओं में भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं।

