उज्जैन। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार सांपो के लालन-पालन को लेकर लगातार काम कर रही है। उसी के तहत एमपी के उज्जैन में देश की पहली सर्पमित्र नगरी बनाने की तैयारी कर ली गई है। भगवान भोले नाथ के गले में विराजमान नाग को लेकर एमपी सीएम मोहन यादव की मंशा है कि न सांप किसी को काटे और न सांप को कोई मारे। दोनों में मित्रता का रिश्ता कायम हो। यह पर्यावरण संतुलन का काम करेगा। ज्ञात हो कि जैव विविधता, वन्य जीव व सरीसृप के संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यो के तहत ओंकारेश्वर के समीप नर्मदा में मगरमच्छ को नया आवास दिया गया और अब कोबरा सांप के संरक्षण पर काम हो रहा है।
100 से ज्यादा छात्र ले रहे टेर्निग
जानकारी के तहत महाकाल की नगरी में उज्जैन जिले के 100 से ज्यादा विद्यार्थियों को सांपों से मित्रवत व्यवहार के लिए ट्रेनिग दी जा रही है। इसके अगले चरण में डॉक्टर, हेल्थ वर्कर, किसान और पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित लोग सांप से मित्रता का गुंरू सीखने के बाद लोगो को सर्प मित्र बनने के लिए प्रेरित करेगे।
उज्जैन बना नोडल जिला
सर्प विशेषज्ञ के अनुसार सांपो के संरक्षण के लिए उज्जैन को नोडल जिला बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सांप भगवान शिव के गले का हार है। इस उन्हें सुरक्षित करने का काम भी महाकाल की नगरी से होना चाहिए। 14 से 18 जनवरी तक होने वाले महाकाल महोत्सव में इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। जिसके लिए समिति भी बनाई गई है।
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