Two students who ran away from home fearing scolding after failing in Satna have returned: सतना शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र से पिछले तीन दिनों से लापता दो नाबालिग छात्राओं के सुरक्षित घर लौटने से पुलिस और परिजनों ने बड़ी राहत की सांस ली है। रविवार सुबह दोनों बच्चियां सतना रेलवे स्टेशन पर उतरीं और वहां से सीधे अपने घर पहुंचीं। पूछताछ में बच्चियों ने जो खुलासा किया, उसने एक बार फिर परीक्षा के तनाव और बच्चों के मन में बैठे ‘डांट के डर’ को उजागर कर दिया है। छात्राओं ने बताया कि वे परीक्षा में फेल होने और कम नंबर आने के डर से इतनी घबरा गई थीं कि उन्होंने घर छोड़ने का फैसला कर लिया।
परिजनों की डांट का था खौफ
मारुति नगर निवासी 14 वर्षीय अंजलि शुक्ला और अदिति सिंह परिहार शुक्रवार सुबह अचानक बिना बताए कहीं चली गई थीं। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन सुराग न मिलने पर शनिवार को सिटी कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस की सक्रियता के बीच, रविवार सुबह जब बच्चियां वापस लौटीं, तो उन्होंने बताया कि वे बस पकड़कर रीवा चली गई थीं। वहां किसी को पहचान न होने के कारण उन्होंने रात एक मंदिर के परिसर में बिताई और अगली सुबह ट्रेन पकड़कर वापस सतना लौट आईं।
पुलिस की जांच जारी
मामला दर्ज होते ही पुलिस ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी थी। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। छात्राओं के सुरक्षित लौटने के बाद अब पुलिस उनके विस्तृत बयान दर्ज कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस दौरान उनके साथ कोई अप्रिय घटना तो नहीं घटी। फिलहाल, पुलिस ने छात्राओं को समझा-बुझाकर उनके परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है कि कैसे परीक्षा का परिणाम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है।
