विंध्य क्षेत्र के मऊगंज और रीवा जिले से आत्महत्या के प्रयास और खुदकुशी के दो बेहद चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पहली घटना मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र की है, जहां दो 15 वर्षीय चचेरी बहनों ने अज्ञात कारणों के चलते एक साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) रीवा की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। दोनों किशोरियों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसे ‘मेडिकल लीगल केस’ (MLC) के रूप में दर्ज किया गया है।
बयान न होने से उलझी मऊगंज मामले की गुत्थी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मऊगंज में परिजनों और आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ कर जांच में जुट गई है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती दोनों बहनें फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं हैं, जिसके कारण इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है। परिजनों ने भी इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस मामले के हर पहलू को खंगाल रही है।
रीवा के गढ़ में 19 वर्षीय युवती ने तोड़ा दम
दूसरी दर्दनाक घटना रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बदवार से सामने आई है। यहाँ रहने वाली माधव यादव की 19 वर्षीय पुत्री साधना यादव ने देर रात करीब 3 बजे अज्ञात जहर खा लिया। परिजनों को जैसे ही इस बात की भनक लगी, वे आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में लेकर अस्पताल भागे। लेकिन तमाम कोशिशों और इलाज के बावजूद सुबह करीब 6 बजे युवती ने दम तोड़ दिया। साधना ने यह कदम क्यों उठाया, इसके कारणों का पता परिजनों को भी नहीं है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपकर मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

