भोपाल की चर्चित मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma Death Case) की संदिग्ध मौत अब केंद्रीय जांच एजेंसी CBI के हवाले की जाएगी। मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की CBI जांच (CBI Investigation) के लिए सहमति दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
11 मई 2026 को हुई ट्विशा शर्मा की मौत ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार लगातार इसे हत्या बता रहा है। अब मामले में राजनीतिक, कानूनी और पुलिसिया स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
CM मोहन यादव से मिले ट्विशा के पिता, CBI जांच का मिला भरोसा
20 मई को ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले थे। इस दौरान उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और CBI जांच की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोर्ट दोबारा पोस्टमॉर्टम (Re-Postmortem) के आदेश देता है, तो सरकार पार्थिव शरीर को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी। इस बयान के बाद मामले ने और ज्यादा तूल पकड़ लिया है।
पति समर्थ सिंह फरार, अग्रिम जमानत की कोशिश
मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह (Samarth Singh) मुख्य आरोपी बनाए गए हैं। घटना के बाद से वह फरार चल रहा है। इस बीच उसने अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए अदालत में याचिका दायर की है।
हालांकि ट्विशा के पिता ने कोर्ट में इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह पहले मध्य प्रदेश सरकार में लीगल एडवाइजर (Legal Advisor) के तौर पर काम कर चुका है और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
परिवार ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय सिंह को पत्र लिखकर कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे को हटाने की मांग भी की है। परिवार का आरोप है कि पुलिस शुरू से ही एकतरफा कार्रवाई कर रही है और ससुराल पक्ष को बचाने की कोशिश हो रही है।
पुलिस कमिश्नर बोले- “जांच में कोई देरी नहीं”
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा:
“हमने घटना के दो दिन के भीतर FIR दर्ज कर ली थी, जो त्वरित कार्रवाई है। आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज कराने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन दिया गया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।”
पुलिस का कहना है कि केस में डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence), कॉल रिकॉर्ड्स (Call Details), व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chats) और मेडिकल रिपोर्ट्स की जांच की जा रही है।
आरोपी के विदेश भागने की आशंका, Look Out Circular की तैयारी
ACP रजनीश कश्यप ने बताया कि आरोपी समर्थ सिंह के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस (Look Out Notice) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए भोपाल पुलिस कमिश्नरेट और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (Regional Passport Office) को पत्र भेजा गया है।
पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक, संभावित लोकेशन ट्रेस करने के लिए साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है।
कौन थीं ट्विशा शर्मा?
ट्विशा शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा (Noida) की रहने वाली थीं। वह मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय थीं और सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग थी।
परिवार के अनुसार उनकी मुलाकात भोपाल निवासी वकील समर्थ सिंह से एक डेटिंग ऐप (Dating App) के जरिए हुई थी। दोनों के बीच करीब एक साल तक संबंध रहे, जिसके बाद परिवार की सहमति से 12 दिसंबर 2025 को शादी हुई थी।
समर्थ सिंह जिला अदालत में वकालत करता है, जबकि उसकी मां गिरीबाला सिंह रिटायर्ड जिला जज (Retired District Judge) हैं।
शादी के बाद बढ़ा तनाव, सामने आई WhatsApp Chats
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद उनकी सहेली, मां और बहन के साथ हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई है। इन चैट्स में ट्विशा ने अपने वैवाहिक जीवन (Married Life), मानसिक तनाव (Mental Harassment), पारिवारिक दबाव और अकेलेपन का जिक्र किया था।
परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्हें लगातार दबाव में रखा जाता था। सूत्रों के मुताबिक, चैट्स में ट्विशा ने अपनी प्रेग्नेंसी और उससे जुड़ी परेशानियों का भी जिक्र किया था।
प्रेग्नेंट थीं ट्विशा, ससुराल ने कहा आत्महत्या
11 मई को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। परिवार का दावा है कि वह गर्भवती थीं। वहीं ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था।
मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और उसके परिवार पर हत्या, दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर #JusticeForTwisha ट्रेंड कर रहा है। महिला संगठनों और कई सामाजिक संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
CBI जांच से क्या बदल सकता है?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि CBI जांच होने के बाद:
- डिजिटल एविडेंस की फोरेंसिक जांच और गहराई से होगी
- पुलिस की शुरुआती कार्रवाई की भी समीक्षा हो सकती है
- कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और चैट्स की केंद्रीय एजेंसी स्तर पर जांच होगी
- यदि जरूरत पड़ी तो दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया जा सकता है
- फरार आरोपी पर इंटर-स्टेट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ सकता है
फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है। परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस और प्रशासन दावा कर रहे हैं कि हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

