Trump Reciprocal Tariffs : वैश्विक स्तर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश में आयातत होने वाले उत्पादों पर रेसिपीरोकल टैरीफ को बढ़ा दिया है। ट्रम्प ने ऐतिहासिक कदम लिया है। ट्रंप ने भारत सहित 60 देश पर यह शुल्क लगाने की भी घोषणा की है। जबकि ट्रम्प ने भारत में 27 प्रतिशत रिसिप्रोकल टैरीफ लगाया है। ट्रंप कैसे फैसले को लेकर भारत में सियासी माहौल गर्म हो चुका है।
आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित आप सांसद राघव चड्ढा ने इस पर अभी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप द्वारा भारत के उत्पादों पर टैरीफ की दरों को बढ़ाने को लेकर विपक्ष ने भारत केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। इस बीच, आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने ट्रम्प के टैरीफ पर नई थ्योरी समझाई दी है। रघुराम राजन का कहना है कि यह खुद अमेरिका के लिए नुकसान पहुंचाने जैसा है। उन्होंने से अमेरिका के लिए सेल्फ गोल बताया।
रघुराम राजन ने समझाया ट्रंप का टैरिफ प्लान (reciprocal tariffs)
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 27 प्रतिशत टैरीफ को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि भारत को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने जो फैसला लिया है वह खुद अमेरिका के लिए एक सेल्फ गोल है। ट्रंप के तारीफ वाले फैसले से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ट्रंप ने भारत सहित साथ देश के उत्पादों पर टैरिफ लगाकर अमेरिका की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का काम किया है।
अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए बढ़ेंगी कीमत
रघु राम राजन ने कहा, “हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि अल्पावधि में, इसका सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण रूप से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यह सेल्फ गोल (खुद को नुकसान पहुंचाने) है। अन्य देशों पर पड़ने वाले प्रभावों की बात करें तो भारत के निर्यात पर किसी भी शुल्क का सीधा प्रभाव यह होगा कि अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ेंगी, इससे उनकी मांग कम होगी और फलस्वरूप भारत की आर्थिक वृद्धि प्रभावित होगी।”
भारत से ज्यादा अमेरिका का होगा नुकसान | trump tariff announcement time
reciprocal,
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने समझाया कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित 60 देश पर जो टैरिफ लगाया है, उसमें 10% का मूल शुल्क 5 अप्रैल से और 27 प्रतिशत का मूल शुल्क 9 अप्रैल से (trump tariff announcement timereciprocal,) प्रभावी होगा। डोनाल्ड ट्रंप ने इसमें कुछ क्षेत्रों को शुरू से छूट दी है जिसमें औषधि, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा उत्पाद शामिल हैं। रघुराम राजन के इसी तर्क को आगे समझते हुए जाने-माने अर्थशास्त्री ने कहा कि अमेरिका ने भारत के साथ-साथ अन्य देशों पर भी शुल्क लगाया है और भारत उन देशों के उत्पादकों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
इस स्थिति में भारत का जितना नुकसान होगा उससे कहीं अधिक अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर नुकसान पहुंचेगा। तारीफ दर बढ़ाने के बाद अमेरिकी उपभोक्ता विकल्प के तौर पर गैर-शुल्क उत्पादकों के पास नहीं जा सकेंगे। ऐसी अवस्था में डोनाल्ड ट्रंप को खुद अपने मुंह की खानी पड़ेगी।
ट्रंप के संकट को भारत अवसर में बदलेगा | trump tariffs on india,
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजा ने आगे समझते हुए कहा कि भारत को डोनाल्ड ट्रंप के टैरीफ से (trump reciprocal tariffs) कोई नुकसान नहीं होगा। यानी कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी तारीफ से अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। रघुराम राजन ने कहा कि ट्रम्प द्वारा उतपन्न किये गए इस संकट को भारत अवसर में बदल सकता है। जब अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ लग रहा है तो ऐसे समय भारत अपने उत्पादों के शुल्क को घटा देगा जिन्हें वह बढ़ा रहा है। जिससे यह अवसर भारत के लिए फायदेमंद हो जाएगा। काम करने में मदद नहीं मिलेगी लेकिन अन्य देश से भारत फायदेमंद डील कर पाएगा।
Also Read : Waqf Bill Passed : वक्फ बिल पास, मगर, क्या है सेक्शन-40 जिससे उपजा विवाद