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मध्यप्रदेश सरकार की मंत्री प्रतिमा बागरी की बढ़ी मुश्किलें, सिद्ध करनी होगी अपनी जाति, पत्र जारी

सतना। मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री एवं सतना जिला निवासी प्रतिमा बागरी की मुश्किलें बढ़ गई है। उन्हे अब अपनी जाति सिद्ध करनी होगी। इसके लिए अनुसूचित जाति विकास आयुक्त कार्यालय, भोपाल ने राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति की ओर से राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को नोटिस जारी कर 6 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय (वल्लभ भवन) में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

प्रस्तुत करने होगे दस्तावेज

जारी पत्र के तहत प्रतिमा बागरी को अपने अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और सबूत, समिति के सामने पेश करने होंगे। समिति उनके अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले की जांच करेगी। इसके लिए उनसे ऐसे दस्तावेज मांगे गए हैं जिनसे यह साबित हो सके कि वर्ष 1950 की स्थिति में उनका परिवार मध्य प्रदेश के सतना जिले का निवासी था और अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित था।

सतना कलेक्टर को भी पत्र जारी

आयुक्त कार्यालय ने सतना कलेक्टर और सहायक आयुक्त, अनुसूचित जाति विकास विभाग को भी पत्र जारी किया है। जिसमें निर्देश दिए गए है कि कलेक्टर नोटिस भेजकर उसे तामील कराए और उसकी रिसीव उपलब्ध करवाए। गांव क्षेत्र में सार्वजनिक सूचना दिए जाने के निर्देश दिए है। पत्र में यह कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन को इसमें अपत्ति है तो वह समिति के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है।

शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी

इसी प्रकरण में शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार को भी सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पत्र जारी किया गया है, दरअसल भोपाल निवासी कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कथित रूप से आरोप लगाया है कि प्रतिमा बागरी ने गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लिया। उसी आधार पर सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर मंत्री पद हासिल किया।

कांग्रेस नेता अहिरवार का कथित रूप से दावा है कि बागरी जाति संबंधित क्षेत्र में अनुसूचित जाति की सूची में शामिल नहीं है। मंत्री प्रतिमा वास्तव में राजपूत-ठाकुर समुदाय से संबंध रखती हैं। उन्होंने 1961 और 1971 की जातिगत जनगणना, 2003 की राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति के फैसले व 2007 के केंद्र सरकार के राजपत्र के हवाले से बताया कि बागरी जाति को एससी श्रेणी में शामिल नहीं किया है।

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