त्रिपुरा। राज्य के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ अगरतला स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए। यह जानकारी लगते ही पुलिस एवं सरकार में खलबली मच गई। प्रारंभिक जांच में डीजीपी के सुसाइड की आशंका जताई जा रही है। वही पुलिस अफसर के मौत को लेकर हाई लेवल की जांच शुरू हो गई है। जिससे पूरी घटना सामने आ सकें और मौत का कारण स्पष्ट हो सकें।
2025 बने राज्य के डीजीपी
धनखड़ 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। अनुराग धनखड़ ने 2025 में त्रिपुरा डीजीपी पद का चार्ज लिया था। धनखड़ की मौत के बाद एजेंसिया जांच में जुट गई है। धनखड़ ने अपनी सर्विस पिस्तौल से खुद को गोली मार लिए या फिर कार्यालय में रस्सी से सुसाइड कर लिया। इसकों लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नही है। इस घटना के बाद धनखड़ को तुरंत गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ले जाया गया था। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. आखिर किस वजह से डीजीपी धनखड़ ने सुसाइड किया है इसकी सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी।
सीबीआई के बड़े मामलों के जांचकर्ता रहे अनुराग धनखड़
बागपत निवासी अनुराग धनखड़ ने जनता वैदिक इंटर कॉलेज से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1988 में कैनरा बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में करियर शुरू करने के बाद 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। उन्होंने सीबीआई में पुलिस अधीक्षक, डीआईजी, संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे अहम पदों पर रहते हुए 13 हजार करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले और नीरव मोदी प्रकरण सहित कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया। संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन में भारत के प्रतिनिधि भी रहे। वर्ष 2025 में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था।

