हमारी रोज में खाने की सामग्री पीली दाल यानी Toor Dal की शुद्धता को लेकर हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञ के द्वारा चिंता बढ़ती हुई दिखी है। डॉक्टर के अनुसार बाजार में बिकने वाली कुछ दाले कृत्रिम रंग या फिर केमिकल पॉलिश की मिलावट से इतनी चमक रखती है। ऐसे में खरीदारी करने वाले लोगों को खरीदने से पहले सतर्क रहने और कुछ आसान घरेलू उपाय जांच करने की सलाह दी जा रही है।
दाल में मिलावट क्यों बन रही है चिंता?
खाद्य विशेषज्ञ के द्वारा दी जाने वाली जानकारी के अनुसार कुछ व्यापारी दाल को अधिक आकर्षक दिखने के लिए उसे कृत्रिम रूप से चमकदार पीला रंग दे देते हैं। तो कई मामलों में मेटरनिल येलो जैसे रंगों का उपयोग करके दाल को आकर्षक दिखाया जाता है। जो लंबे समय तक खाने वाले लोगों के हेल्थ पर असर डाल सकता है। प्राकृतिक दाल का रंग हल्का और समान रूप से फैला होता है जबकि अत्यधिक चमक असामान्य हो सकती है।
ये भी पढ़े : Gastrointestinal Disease : पाचन में आ रही समस्या तो हो सकता है पेट फ्लू
पानी से करें Yellow Lentils की जांच
सबसे आसान तरीका है दाल को साफ पानी में 10 से 15 मिनट तक भिगोकर सबसे पहले रखते ना चाहिए अगर पानी का रंग गहरा पीला हो जाए या फिर पानी की सतह पर रंग तैरता हुआ दिख जाए तो यह मिलावट का ही संकेत होता है। हालांकि दाल से हल्का रंग निकालना एक स्वाभाविक प्रक्रिया भी हो सकती है इसलिए इसके परिणाम को समझदारी से समझे।
सफेद कागज पर रगड़कर पहचान
इसको चेक करने का दूसरा तरीका है कि हम दाल के कुछ दोनों को सफेद कागज पर हल्के से पहले रगड़े। अगर कागज पर स्पष्ट रूप से पीला रंग दिखे तो दाल में पॉलिस या कृत्रिम रंग होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। यह तरीका प्राथमिक जांच के रूप में उपयोगी हो सकता है लेकिन अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
रासायनिक परीक्षण में सावधानी जरूरी
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में हाइड्रोक्लोरिक एसिड के द्वारा दाल की जांच करने का भी जिक्र मिलता है जिसमें रंग बदलने पर मिलावट बताया जाता है। हालांकि आम उपभोक्ताओं को ऐसे केमिकल टेस्ट से बचना चाहिए क्योंकि यह सुरक्षित तरीका नहीं होता है ऐसे में lab जांच ही प्रमाण माना जाता है।
ये भी पढ़े : अगर आप भी लेते हैं स्ट्रेस, तो डॉक्टर ने बताया Stress Warning को बड़ा खतरा
सुरक्षित खरीदारी के लिए क्या करें?
दाल खरीदने से पहले आपको भरोसेमंद ब्रांड या फिर किसी प्रमाणित दुकान से ही दाल खरीदना चाहिए। आपको डाल के पैकेट पर उसकी निर्माण तिथि,FSSAI लाइसेंस नंबर और सील की स्थिति अवश्य मिल जाएगी उसे जांच कर ही दाल खरीदे। अगर आप खुली दाल खरीदते हैं तो उसकी गंध, रंग और दानों की एकरूपता पर ध्यान दें। खाद्य सुरक्षा नियम के अनुसार मिलावट रोकना विक्रेताओं की जिम्मेदारी होती है लेकिन जागरूक उपभोक्ता भी इसमें अपनी जिम्मेदारी निभा सकता है। दिखने में आकर्षक लगने वाले Toor Dal हमेशा शुद्ध हो या जरूरी नहीं होता है थोड़ी सतर्कता और सरल जात से मिलावटी दाल की पहचान की जा सकती है।

