बॉलीवुड एक्टर Tiger Shroff की कर पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन संदिग्ध अपराधी को राजस्थान के कोटा से पकड़ लिया है। इस घटना के बाद शुरू हुई जांच में मोटरसाइकिल तकनीकी सुराग और पुलिस के बीच समन्वय सबसे जरूरी साबितहुए हैं। जानी मुंबई पुलिस ने कोटा तक पुलिस की कार्यवाही कैसे की और जांच में अब तक क्या पताचला है।
Tiger Shroff Firing मामले में ऐसा क्या हुआ?
18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कर पर गोलीबारी हुई थी उसे समय एक्टर फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे। पुलिस के अनुसार बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाई और फिर वहां से फरार हो गए। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे लेकिन उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की खबर पता चल रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दिए और आरोपियों के तलाश के लिए विशेष टीम बना लिए है।
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बाइक और तकनीकी सुरागों से मिली है मदद
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने घटना का इस्तेमाल हुए मोटरसाइकिल का पता लगाया जिसे अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया गया था। इसके बाद जांच करता हूं उन्हें तकनीकी जानकारी सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारी की मदद से अपराधी की गतिविधि का पता लगाने की कोशिशकी। इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली कि अपराधी ट्रेन से राजस्थान की तरफ जा रहे हैं मुंबई क्राइम ब्रांच ने राजस्थान पुलिस के साथ यह जानकारी शेयर की इसके बाद कोटा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई हुई।
कोटा रेलवे स्टेशन पर कैसे पकड़े गए है तीनों संदिग्ध?
पुलिस की जानकारी के अनुसार तीनों अपराधी पुणे से जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में सफर कर रहे थे। कोटा पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया गया और तीनों को पकड़ लियागया। आरोपियों में हरियाणा के दो लोग और बिहार का एक व्यक्ति शामिल बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार यह सब दिल्ली जा रहे थे और नेपाल भागने के प्लानिंग कर रहेथे। हालांकि संबंध में आई जानकारी अभी जांच का हिस्सा है।
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हमले के पीछे आखिर किसका हाथ था?
जांच में सबसे बड़ा सवाल हमले के पीछे का कारण और साजिश का है। पुलिस की जानकारी के अनुसार तीनों को हमले के लिए कुल ₹50000 की राशि दी गई थी पुलिस उनकी अलग-अलग भूमिका और दूसरे लोगों से संबंधित संबंध की अभी भी जांच कर रही है। फिलहाल अभी तक हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद नहीं हो पाए हैं। अब आगे की जांच से ही स्पष्ट होगा कि हमले के पीछे किसका हाथ था।

