रीवा। रीवा शहर में बायपास बंद होने के कारण शहरी सड़कों पर नो-एंट्री के दौरान दौड़ रहे भारी वाहन आम जनता के लिए काल साबित हो रहे हैं। बीती रात भारी वाहनों के दबाव के चलते शहर और आसपास के इलाकों में महज कुछ ही घंटों के भीतर तीन अलग-अलग दर्दनाक सड़क हादसे हुए, जिनमें तीन युवकों की अकाल मौत हो गई। बायपास बंद होने की वजह से भारी ट्रकों और डंपरों का रूट डायवर्ट कर उन्हें शहरी मार्ग से निकाला जा रहा है, जो अब लगातार इन जानलेवा दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रहा है। इन हादसों के बाद से जहां परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
पहली घटना बीती रात करीब 11 बजे यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत जनता कॉलेज के पास हुई, जहां सगरा निवासी 18 वर्षीय बाइक सवार प्रवीण वर्मा को किसी रफ्तार भर रहे अज्ञात भारी वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रवीण की मौके पर ही मौत हो गई और चालक वाहन समेत अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। वहीं इसके ठीक एक घंटे बाद, रात करीब 12 बजे समान नाका फ्लाईओवर पर दूसरा हादसा हुआ। नेहरू नगर निवासी 42 वर्षीय विनीत सिंह बघेल एक पार्टी से बाइक द्वारा अपने घर लौट रहे थे, तभी फ्लाईओवर पर एक अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर हालत में उन्हें संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसी काली रात में तीसरा हादसा रीवा-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोगिनहाई टोला प्लाजा के पास सामने आया। यहां ग्राम बधवा निवासी 19 वर्षीय युवक मोनू कोल अपनी बाइक से रात करीब 11 बजे घर लौट रहा था, तभी एक अज्ञात वाहन ने उसकी मोटरसाइकिल को सामने से बेरहमी से रौंद दिया। इस दुर्घटना में मोनू गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसने बाद में दम तोड़ दिया। राहगीरों और पुलिस को घटना की जानकारी मृतक के जेब में रखे मोबाइल फोन के जरिए मिली, जिसके बाद परिजनों को सूचित किया गया। इन तीनों ही मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना को अंजाम देकर भागने वाले अज्ञात वाहनों व उनके चालकों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

