मैहर: जिले के खरामसेड़ा गांव स्थित अहिरान टोला में शुक्रवार रात एक बड़ा और बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक कुएं में गिरे बैल को बाहर निकालने की कोशिश में चार ग्रामीण एक-एक कर कुएं में उतरे, लेकिन भीतर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण चारों अचेत हो गए। ग्रामीणों ने सूझबूझ से बचाव अभियान चलाकर चारों को बाहर तो निकाल लिया, लेकिन तब तक तीन लोगों की सांसें थम चुकी थीं, वहीं एक की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हृदय विदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
हादसे में जान गंवाने वाले ग्रामीणों में राहुल यादव (34 वर्ष) पिता – मोतीलाल यादव, वीरेंद्र यादव (47 वर्ष) पिता – जगदीश प्रसाद यादव और कृष्णकुमार यादव (28 वर्ष) पिता – रामदास यादव शामिल हैं। जबकि रामचंद्र यादव (42 वर्ष) पिता – भानु प्रसाद यादव को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में सतना जिला अस्पताल रेफर, इलाज जारी।
एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में काल के गाल में समाए ग्रामीण
अमरपाटन थाना प्रभारी (टीआई) विजय सिंह पारस्ते के मुताबिक, गांव के एक कुशवाहा परिवार के करीब 35 फीट गहरे कुएं में शुक्रवार को एक बैल गिर गया था। रात करीब 8:30 बजे बैल को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गांव के दो युवक रस्सी के सहारे कुएं के भीतर उतरे थे, लेकिन कुछ ही देर बाद अंदर से उनकी आवाज आना बंद हो गई। उन्हें अचेत होता देख, बाहर खड़े दो अन्य ग्रामीण भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन्हें बचाने के लिए तुरंत कुएं में उतर गए, लेकिन दुर्भाग्य से वे भी वहां मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आ गए।
ग्रामीणों ने रस्सियों के सहारे निकाला बाहर, जांच में जुटी पुलिस
कुएं के भीतर काफी देर तक कोई हलचल न होने पर बाहर खड़े ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने बिना वक्त गंवाए रस्सियों और कांटों की मदद से चारों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और डायल-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को तत्काल अमरपाटन सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीन ग्रामीणों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, कुएं के भीतर घुटनों तक पानी था और दम घुटने या जहरीली गैस के कारण यह हादसा हुआ।
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। एसडीओपी ख्याति मिश्रा ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

