दुआ मांगने रीवा में उठे हजारों हाथ, इमाम ने बताया कैसे कबूल होते है रोजे

रीवा। भाईचारे की भावना का प्रतीक ईद उल फितर का त्योहार आज पूरी शाइस्तगी अक़ीदत मंदी और जोशो खरोश के साथ पूरे देश की तरह रीवा शहर एवं जिले में भी मनाया गया। रमज़ानुल मुबारक के 30 रोज़े पूरा होने के बाद इबादत का यह त्यौहार ईद जोश-खरोश के साथ मनाया गया।

वतन में अमन, चैन तरक्क़ी खुशहाली की मांगी दुआ

शरीअत हिलाल कमेटी के सेक्रेटरी एड. महमूद खान ने बताया कि ईद उल फितर की वाजिब दो रकात नमाज़ अदा कर रमज़ान के महीने की इबादत का इनआम हासिल करने के लिए परवरदिगार की बारगाह में दुआ मांगी तथा नमाज़ के बाद एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश की रब की बारगाह में गिड़गिड़ाते हुए मुस्लिम भाइयों ने वतन में अमन, चैन तरक्क़ी खुशहाली की दुआ मांगी।

इमाम ने बताया कैसे कबूल होते है रोजे

शरीअत हिलाल तस्दीक़ कमेटी द्वारा घोषित सभी 23 नमाज़ स्थलों में ईद की नमाज़ अदा की गई बीहर नदी के तट पर स्थित रीवा की मुख्य ईदगाह घोघर में शहर क़ाज़ी मुफ्ती मोहम्मद मुबारक अज़हरी साहब ने ईद उल फितर की नमाज़ अदा कराई इस मौक़े पर ईदगाह के मेंबर से नमाज़ियों को खिताब करते हुए अजहरी साहब ने कहा कि अल्लाह की रज़ा हासिल करने के लिए जिस शिद्दत से रमज़ान के महीने में इबादत की बाकी के 11 महीने में भी अगर हम इबादत का सिलसिला क़ायम रखें और गुनाहों से बचते हुए अपनी जिंदगी गुजार सकें तब हमें मान लेना चाहिए कि हमारे रोज़े और इबादत परवरदिगार की बारगाह में क़ुबूल हुए हैं।

जिले भर में पढ़ी गई ईद की नमाज

ईदगाह के साथ ही शाही ईदगाह बिछिया, जामा मस्जिद छोटी दरगाह, बड़ी दरगाह, दारा शाह तकिया बिछिया सहित सभी नमाज़ स्थलों में हजारों मुस्लिम भाइयों ने ईद की नमाज़ अदा की रीवा शहर के अलावा ज़िले के कस्बाई इलाकों में भी ईद का त्योहार पूरी अक़ीदत के साथ मनाया गया। केंद्रीय जेल स्थित मस्जिद में मुस्लिम बंदियों को कमेटी द्वारा नियुक्त पेश इमाम मौलाना अब्दुल रऊफ रिजवी ने नमाज़ अदा कराई।

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