एमपी। मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है जिसके अनेकों नाम है। सबसे अंहम बात यह है कि सभी नामों के पीछे मध्यप्रदेश से जोड़ी खास बाते है। जो कि इस प्रदेश की खूबियों को बंया करती है। मध्यप्रदेश को जिन नामों से जाना जाता है उनमें से दिल यानि की हृदय प्रदेश, टाइगर स्टेट, सोया स्टेट, नदियों का मायका जैसे नाम शामिल है। भौगोलिक रूप से भारत के मध्य (बीच) में स्थित होने के कारण, पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसका नाम मध्य प्रदेश रखा था। 1 नवंबर 1956 को गठित इस राज्य को पहले मध्य भारत के नाम से भी जाना जाता था।
भारत का दिल
मध्य प्रदेश को भारत का दिल कहते हैं… क्यों? क्योंकि इसके पीछे भौगोलिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कारण हैं. मध्य प्रदेश भारत के नक्शे के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित है. इसकी सीमाएं कई बड़े राज्यों से साझा होती हैं ऐसे में ये भारत को जोड़ने का काम करता है। मध्य प्रदेश में उत्तर भारत की परंपराएं और दक्षिण भारत की संस्कृति का अनूठा मेल देखने को मिलता है. यही वजह है कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस राज्य की महत्ता को देखते हुए इसे भारत का दिल नाम दिए थें।
मिनी इंडिया
मध्य प्रदेश को मिनी इंडिया इसलिए कहते हैं क्योंकि ये उत्तर-प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात जैसे पांच बड़े राज्यों से लगा हुआ है। वहां की भाषा, खानपान, पहनावा और संस्कृति का भी इस राज्य पर प्रभाव पड़ता है। मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और ग्वालियर जैसे क्षेत्र अपने इसी अनोखेपन के लिए जाने जाते हैं।
नदियों का मायका
मध्य प्रदेश को नदियों का मायका भी कहा जाता है, क्योंकि यहां से नर्मदा, ताप्ती, चंबल, सोन और बेतवा जैसी कई महत्वपूर्ण नदियां निकलती हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में बहती हैं। नर्मदा नदी को तो मध्य प्रदेश की जीवन रेखा भी कहा जाता है।
टाइगर स्टेट
मध्यप्रदेश्य को टाइगर स्टेट के रूप में जाना जाता है, क्योकि भारत के किसी राज्य अगर सबसे ज्यादा बाघ है तो उनकी संख्या मध्यप्रदेश में है। इस प्रदेश में सफेद बाघ भी पाया गया था।
हीरा राज्य
मध्यप्रदेश को हीरा राज्य के रूप में भी जाना जाता है, क्योकि प्रदेश के पन्ना में उच्च क्वालिटी के हीरे पाए जाते है। यह भूमि ऐसी है कि खुदाई करके मजदूर की किस्मत भी चमकी है। हीरों का भंडार होने के कारण ही मध्यप्रदेश को हीरा राज्य के रूप में भी जाना जाता है।
संक्षिप्त परिचय
हृदय प्रदेश- देश के केंद्र में स्थित होने के कारण।
टाइगर स्टेट- भारत में सबसे ज्यादा बाघ यहाँ होने के कारण।
सोया स्टेट- सबसे ज्यादा सोयाबीन उत्पादन के लिए।
नदियों का मायका- यहाँ से नर्मदा, चंबल, ताप्ती, बेतवा आदि कई नदियां निकलती हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी
स्थापना- 1 नवंबर 1956।
पुरानी स्थिति- 1956 से पहले यह मध्य भारत, विंध्य प्रदेश और भोपाल राज्यों का समूह था।
राजधानी- भोपाल।
छत्तीसगढ़ अलग- 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य अलग हुआ।
