Bihar Election 2025 : बिहार चुनाव नज़दीक हैं। बिहार की सासाराम सीट बिहार की उन चुनिंदा सीटों में से एक है जहाँ इस साल महामुकाबला देखने को मिल सकता है। दरअसल, इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव की तारीख़ों के ऐलान से पहले ही चुनावी सियासत गरमा गई है। सासाराम में राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और संभावित उम्मीदवारों ने भी अपनी संभावनाएँ तलाशनी शुरू कर दी हैं। लेकिन इस बार भाजपा बनाम राजद के कयास लगाए जा रहे हैं।
सासाराम सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है? Bihar Election 2025
सासाराम का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। किसी ज़माने में सासाराम सूर वंश की राजधानी हुआ करता था। सासाराम बिहार के रोहतास ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय है। सासाराम की साक्षरता दर 80 प्रतिशत से ज़्यादा है। सासाराम एक सामान्य सीट है। 1980 से 2015 तक 45 सालों तक यहाँ से सिर्फ़ कुशवाहा समुदाय के नेता ही चुने जाते रहे और दूसरे स्थान पर आने वाले उम्मीदवार भी अक्सर इसी जाति के होते हैं।
इससे पहले, राजद ने शानदार जीत दर्ज की थी।
पिछले चुनाव 2020 में सासाराम विधानसभा सीट पर राजद ने जीत हासिल की थी। राजद के राजेश कुमार गुप्ता ने जदयू के अशोक कुमार को 26423 मतों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सासाराम संसदीय सीट पर जीत हासिल की। वर्ष 1957 में इस संसदीय क्षेत्र के गठन के बाद से अब तक सासाराम में 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इनमें से सबसे ज़्यादा पाँच बार भाजपा ने जीत हासिल की है।
कांग्रेस इस सीट पर हमेशा कमज़ोर रही है। Bihar Election 2025
कांग्रेस को सिर्फ़ दो बार ही जीत मिली है। अपने सुनहरे दिनों में भी सासाराम कभी कांग्रेस का गढ़ नहीं रहा। हाल के वर्षों में यह सीट भाजपा और राजद के बीच जंग का मैदान बनकर उभरी है। भाजपा की जीत की हैट्रिक के बाद, राजद ने लगातार दो बार यह सीट जीती, जिससे भाजपा को 2020 के चुनाव में यह सीट अपने सहयोगी जदयू को देनी पड़ी। राजद ने इस सीट पर वर्ष 2020 और 2015 में जीत हासिल की थी। भाजपा ने 2010 और 2005 में जीत हासिल की थी। राजद ने 2000 में और भाजपा ने 1995 और 1990 में जीत हासिल की थी।
इस बार मुकाबला कड़ा हो सकता है। Bihar Election 2025
सासाराम सीट पर बेशक राजद का कब्जा है, लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो भाजपा का पलड़ा भारी रहा है। 2020 में जदयू का निराशाजनक प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि इस बार भाजपा राजद को सीधी चुनौती देने और उसकी जीत की संभावित हैट्रिक को रोकने के लिए अपना उम्मीदवार उतारने पर विचार कर सकती है। इस बार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी चुनाव लड़ रही है।
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