नई दिल्ली। भोपाल के हाईप्रोफाइल त्विषा शर्मा मामले की सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए त्विषा की मौत को अप्राकृतिक कहा है, ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने त्विषा शर्मा मामले का स्वतः संज्ञान में लेकर सोमवार को इस पर सुनवाई की। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने इस मामले को सनसनीखेज बनाने से बचने की भी सलाह दी।
मीडिया में बयान देने पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों (पीड़ित परिवार और ससुराल पक्ष) को मीडिया में बयान न देने की सख्त हिदायत दी है। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी अपना काम कर रही है। सीजेआई सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में दो या तीन पहलू थे। पहला दूसरे पोस्टमार्टम से जुड़ा है, जो पूरा हो चुका है। उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि कुछ कार्रवाइयों से हमें पीड़ा हुई है। हम अपने मीडिया मित्रों से अनुरोध करेंगे कि वे पीड़ित परिवार या दूसरे परिवार के बयान न लें। मामले को कानून और प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दें।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बंद लिफाफे में
रविवार को एम्स दिल्ली के डॉक्टरों की टीम ने त्विषा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम किया। इसकी रिपोर्ट कोर्ट में बंद लिफाफे में सौंपी जाएगी। वहीं, भोपाल जिला अदालत में 12 मई से 20 मई तक की कॉल डिटेल और भोपाल एम्स के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने संबंधी आवेदन पर भी सुनवाई होगी।

